"रोज गिर जाती है दीवार तेरे वादों की
रोज हम मौत के साए में रहा करते हैं!"


बस यही है सच्चाई हमारे समाज की, लेकिन इस समाज में कुछ ऐसे लोग भी हैं जो हमारे लिए प्रेरणा के प्रकाशपुंज हैं । हमें ग़लत करने से वे बचाते हैं और सही करने की दिशा में उचित मार्गदर्शन देते हैं । ऐसे लोग हमारे प्रेरणा स्त्रोत होते हैं । हमारे लिए अनुकरनीय और श्रधेय होते हैं। हिन्दी ब्लॉग जगत की कमोवेश जमीनी सच्चाईयां भी यही है।

कुछ लोग ऐसे होते हैं जिनके विचार तो महान होते हैं, कार्य महान नही होते । कुछ लोग ऐसे होते हैं जिनके कार्य तो महान होते हैं विचार महान नही होते । मगर कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जिनके कार्य और विचार दोनों महान होते हैं । हमारे कुछ हिन्दी ब्लोगर भी इसी श्रेणी में आते हैं जिनकी उपस्थिति मात्र से बढ़ जाती है नए चिट्ठों की गरिमा ।

आज हम ऐसे ही प्रेरणाप्रद चिट्ठाकारों की चर्चा करेंगे , लेकिन उससे पहले हम कुछ विशेष चिट्ठों की चर्चा करने जा रहे हैं जो किन्ही कारणों से दस भागों में समाहित नही हो पाये थे और विशेष सम्मान के हकदार थे । पहला ब्लॉग है -
तस्लीम

यह विज्ञान पर आधारित कम्युनिटी ब्लॉग है । इस ब्लॉग के कर्ताधर्ता हैं लखनऊ के जाकिर अली रजनीश । तस्लीम कोई उर्दू का शब्द नही अपितु स्थानीय मुद्दों पर जागरूकता फैलाने वाले वैज्ञानिकों की टीम के अंगरेजी नाम का संक्षिप्त रूप है । इसका मकसद है आप अपने आस-पास की प्रकृति और विज्ञान को कितना समझते हैं ।

इस ब्लॉग पर जितने सुंदर और सारगर्भित विचार देखने को मिले हैं उतनी ही सुंदर तस्वीर भी डाले जाते रहे हैं । तस्वीरों के जरिय बाकायदा विज्ञान पहेली चलती है। स्थानीय मुद्दों पर आधारित ब्लॉग की श्रेणी में यह ब्लॉग यकीनन श्रेष्ठ है। वर्ष – २००८ में इस ब्लॉग पर जो महत्वपूर्ण पोस्ट मुझे देखने को मिली , वह थी लखनऊ की गंदी हो रही गोमती नदी को लेकर चिंता दिखाई पड़ती है तथा उसकी सफाई के लिए जनता के स्तर पर हो रही कोशिशों के प्रति उत्साह भी ।

" रहनुमाओं की अदाओं पे फ़िदा है दुनिया ।
इस बहकाती हुयी दुनिया को सभालो यारों । . "



हमारा न्याय और न्याय की धाराएं इतनी पेचीदा हो गयी है , कि अदालत का नाम सुनकर व्यक्ति एकबार काँप जाता है जरूर क्योंकि बहुत कठिन है इन्साफ पाने की डगर । हमारा मकसद यहाँ न तो न्यायपालिका पर ऊंगली उठाने का है और न ही किसी की अवमानना का । पर यह कड़वा सच है की हमारी प्रक्रिया इतनी जटिल हो गयी है की इन्साफ का मूलमंत्र उसमें कहीं खोकर रह गया है। आदमी को सही समय पर सही न्याय चाहकर भी नही मिल पाता। ऐसे में अगर कोई नि:स्वार्थ भाव से आपको क़ानून की पेचीदिगियों से रू-ब-रू कराये और क़ानून की धाराओं के अंतर्गत सही मार्ग दर्शन दे तो समझिये सोने पे सुहागा । ऐसा ही इक ब्लॉग है –
तीसरा खम्बा. ब्लोगर हैं कोटा राजस्थान के दिनेश राय द्विवेदी ।

आज तपेदिक हो गया है सच को , कल्पनाएँ लूली- लंगडी हो गयी है और बार- बार मर्यादा की गलियारों में घूमते हुए लोग जब सामना करते हैं अपनी गलतियों का तो कहते हैं शायद विधाता को यही मंजूर है ….!

ऐसे में जब हमारे बीच का कोई ब्लोगर सच उजागर करने की दिशा में कार्य कर रहा हो तो उसका स्वागत किया जाना चाहिए । इस श्रेणी के दो ब्लॉग मुझे अच्छे लगे –
भडास और मुहल्ला .

हिन्दी को समृध्द करने में हमारी क्षेत्रीय भाषाओं की महत्वपूर्ण भुमिका रही है , इसलिए हिन्दी ब्लॉग की चर्चा के क्रम में क्षेत्रीय भाषाओं के महत्वपूण ब्लॉग की चर्चा न की जाए तो बेमानी होगा । क्षेत्रीय भाषाओं में कई चिट्ठे सक्रिय हैं और सब एक पर एक । उसी भीड़ से मैंने दो मोती निकाले हैं जो वर्ष-२००८ में अत्यधिक सक्रीय थे । पहला है
भोजपुर नगरिया और मिथिला मिहिर
पहला है भोजपुरी में और दूसरा है मैथिलि में । भोजपुरी के ब्लॉग पर ब्लोगर प्रभाकर पांडे देवरिया से लेकर कुशीनगर तक की कथाओं का जिक्र करते है और मिथिला मिहिर पर मैथिलि भाषा की दुर्लभ रचनाएँ आपको मिलेंगी ।

वर्ष-२००८ में हिन्दी चिट्ठा क्रान्ति के अग्रदूत और नए चिट्ठाकारों के लिए प्रेरणा के प्रकाश पुंज रहे ये ब्लोगर –

( नामों का उल्लेख वरीयताक्रम में नही है , अपितु वर्णानुक्रम में है )

(१) शब्दावली में अग्रणी - श्री अजित वाडनेकर (२) सकारात्मक टिपण्णी में अग्रणी - श्री अनूप शुक्ल (३) साफ़गोई में अग्रणी - श्री डॉ अमर कुमार (४) विज्ञान में अग्रणी - श्री अरविन्द मिश्रा (५) व्यंग्य में अग्रणी - श्री अविनाश वाचस्पति (६) हास्य में अग्रणी - श्री अशोक चक्रधर (७) तकनीकी पोस्ट में अग्रणी - उन्मुक्त (८) सामुदायिक गतिविधियों में अग्रणी -श्री जाकिर अली रजनीश (९)कानूनी सलाह में अग्रणी - दिनेश राय द्विवेदी (१०) सिनेमा संवंधित फीचर में अग्रणी- श्री दिनेश श्रीनेत (११) चिंतन में अग्रणी - दीपक भारतदीप (१२) विनम्र शैली में अग्रणी - श्री नीरज गोस्वामी (१३) क्षेत्रीय भाषा भोजपुरी में अग्रणी-श्री प्रभाकर पांडे (१४) सकारात्मक प्रतिक्रया में अग्रणी- श्री पंकज अवधिया (१५) सकारात्मक सोच में अग्रणी -श्री महेंद्र मिश्रा (१६) तकनीकी सृजन में अग्रणी- श्री रवि रतलामी (१७) शिक्षा- दीक्षा में अग्रणी -श्री शास्त्री जे सी फिलिप (१८) ज्योतिष में अग्रणी- श्रीमती संगीता पुरी (१९) प्रशंसा -प्रसिद्धि में अग्रणी- श्री समीर लाल (२०) सामयिक सोच -विचार में अग्रणी- श्री ज्ञान दत्त पांडे ........ !

अत्यन्त महत्वपूर्ण सुझाव , जिसका हम स्वागत करते हैं-
Udan Tashtari ब्लॉग के ब्लोगर श्री समीर लाल जी ने सुझाव दिया है, कि -
अद्भुत क्षमता ऐसी कि मात्र गीतों के माध्यम से संपूर्ण ब्लॉग जगत पर छा जाने में अग्रणी: गीत सम्राट राकेश खण्डॆलवाल जी का नाम मेरी तरफ से जोड़ा जाए .../
हम आपके इस महत्वपूर्ण सुझाव का सम्मान करते हैं तथा श्री राकेश खण्डॆलवाल जी का नाम पूरे सम्मान के साथ इस श्रृंखला से जोड़ रहे हैं । श्री समीर लाल जी इस सुझाव के लिए आपका आभार !

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19 comments:

  1. शायद ’इति श्री हिन्दी चिट्ठा हलचल कथा’.
    इस पूरी श्रृंखला के लिये धन्यवाद.

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  2. समापन तो होना ही था .....मगर समापन में जिन २० अग्रणी ब्लोगर का जिक्र है , वह अच्छा लगा ....प्रशंसनीय ब्लोगर की प्रशंसा होनी ही चाहिए !
    वर्ष- २००९ के विश्लेषण में मेरा भी जिक्र होना चाहिए , मैं भी आगे कुछ ऐसा ही प्रशंसनीय कार्य करूंगा ......आपका पुन: आभार इस महत्वपूर्ण विश्लेषण हेतु !

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  3. आभार इस महत्वपूर्ण विश्लेषण हेतु !

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  4. बहुत बढ़िया रही यह श्रंखला .शुक्रिया

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  5. आनन्द आ गया इस पूरी श्रृंखला को बांच कर. सहेजने योग्य कार्य.

    मेरी तरफ से हिन्दी ब्लॉग जगत के विश्लेषण और सूक्ष्म अवलोकन के लिये अग्रणी: रविन्द्र प्रभात जी

    एवं अद्भुत क्षमता ऐसी कि मात्र गीतों के माध्यम से संपूर्ण ब्लॉग जगत पर छा जाने में अग्रणी: गीत सम्राट राकेश खण्डॆलवाल जी



    यह दोनों और जुड़ना चाहिये.

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  6. पूरी लेखमाला साथ साथ पढती आई हूँ। अच्छा लगा।

    आज समापन पर सार्थक श्रम के लिए शुभकामकामनाएँ व बधाई।

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  7. बहुत अच्‍छी लगी यह पूरी श्रृंखला....बहुत बहुत बधाई और शुभकामनाएं...आपके द्वारा चुने गए सभी ब्‍लागरों में से कुछ को नियमित तौर पर पढती ही थी , पर जो छूट जाते थें , उनको अवश्‍य ही पढते रहना चाहूंगी।

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  8. १) शब्दावली में अग्रणी - श्री अजित वाडनेकर (२) सकारात्मक टिपण्णी में अग्रणी - श्री अनूप शुक्ल (३) साफ़गोई में अग्रणी - श्री डॉ अमर कुमार (४) विज्ञान में अग्रणी - श्री अरविन्द मिश्रा (५) व्यंग्य में अग्रणी - श्री अविनाश वाचस्पति (६) हास्य में अग्रणी - श्री अशोक चक्रधर (७) तकनीकी पोस्ट में अग्रणी - उन्मुक्त (८) सामुदायिक गतिविधियों में अग्रणी -श्री जाकिर अली रजनीश (९)कानूनी सलाह में अग्रणी - दिनेश राय द्विवेदी (१०) सिनेमा संवंधित फीचर में अग्रणी- श्री दिनेश श्रीनेत (११) चिंतन में अग्रणी - दीपक भारतदीप (१२) विनम्र शैली में अग्रणी - श्री नीरज गोस्वामी (१३) क्षेत्रीय भाषा भोजपुरी में अग्रणी-श्री प्रभाकर पांडे (१४) सकारात्मक प्रतिक्रया में अग्रणी- श्री पंकज अवधिया (१५) सकारात्मक सोच में अग्रणी -श्री महेंद्र मिश्रा (१६) तकनीकी सृजन में अग्रणी- श्री रवि रतलामी (१७) शिक्षा- दीक्षा में अग्रणी -श्री शास्त्री जे सी फिलिप (१८) ज्योतिष में अग्रणी- श्रीमती संगीता पुरी (१९) प्रशंसा -प्रसिद्धि में अग्रणी- श्री समीर लाल (२०) सामयिक सोच -विचार में अग्रणी- श्री ज्ञान दत्त पांडे ........ !
    आपने एक बेंचमार्क सर्वे कर डाला -यह संदर्भणीय रहेगा ! बड़ा काम ! साधुवाद !

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  9. इस श्रृंखला की समाप्ति के बाद भी यह आगे रास्ते दिखाती रहेगी!!
    अच्छा लगा !!!

    चलते -चलते आपका आभार!!!

    आशा है कि 2009 में भी यह वार्षिक आयोजन जारी रहेगा ???

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  10. सच उजागर करने के लिये ब्लॉग की क्या जरूरत?

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  11. रविंद्र प्रभात जी
    आपके प्रयास सराहनीय हैं। आपके इस लेख पर बस मेरा इतना ही कहना है कि जब हम लिखते हैं तो उसकी प्रशंसा सुनकर आत्ममुग्ध होना या आलोचना सुनकर कुंठित होने की प्रवृत्ति से बचना चाहिये। दूसरे को पढ़ते रहने से ही आप जान पाते हैं वह कैसे लिखते हैं पर अपने लिखे का पीछा बहुत अधिक नहीं करना चाहिये। अपने बारे में निर्णय करने का बोझ अपने ऊपर लेना व्यर्थ है क्योंकि आपके मित्र आपको अधिक पहचानते हैं।
    मैंने आपके हिंदी ब्लाग के विश्लेषण के बारे में सारे लेख पढ़े और हिंदी को अंतर्जाल पर ऊंचाई पर पहुंचाने के लिये जो आपके अंदर प्रतिबद्धता है वह अनुकरणीय है।
    दीपक भारतदीप

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  12. वाह !! शूक्ष्म और सटीक अन्वेषण ! आपका प्रयास सराहनीय है.

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  13. आप ने इतना महत्वपूर्ण दस्तावेज रच दिया है जो ब्लाग जगत की समीक्षा के लिए मील के पत्थर का काम करेगा।

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  14. मैं इस ब्लॉगजगत में विल्कुल नयी हूँ , आपके इस विश्लेषण से मुझे मदद मिलेंगी ...

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  15. वर्ष भर की गतिविधियों पर नज़र रखना और उसका सूक्ष्म विश्लेषण करते हुए प्रस्तुत करना कफी दुरूह कार्य है , जो आपने कर दिखाया है !

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  16. इस चिट्ठी में मुझे जगह देने के लिये शुक्रिया।

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  17. ब्‍लॉगों को याद करने का आपका प्रयास सराहनीय है। मेरे लिए प्रसन्‍नता का विषय यह भी है कि आपने इसी बहाने तस्‍लीम को भी याद किया।

    हार्दिक आभार।

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  18. बहुत अच्छा. हर अच्छी चीज कभी न कभी तो समाप्त होती ही है. आपका काम सराहनीय है

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  19. लगता है इस बार आपने हमारी टिप्पणी नही पढ़ी इसलिए किसी तरह का विचार प्रकट नही किया । टिप्पणी भेजने के लिए धन्यवाद

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