फ़िर एक बार लोक सभा चुनाव के बहाने सरगर्मी तेज हो गयी है , हर दल अपने-अपने ढंग से चुनावी जोड़-तोड़ में व्यस्त है । पिछले दिनों लखनऊ से समाजवादी पार्टी के भावी उम्मीदवार के रूप में संजय दत्त ने चुनाव प्रचार की औपचारिक शुरुआत कर दी । बहुत सारे भावनात्मक मुद्दों की बात की गयी । स्व दत्त साहब की पुरानी यादों को ताज़ा कर वोटरों के साथ इमोशनल अत्याचार करने की कोशिश भी की गयी । संजय दत्त के जाने के बाद हर दल के नेता अपने - अपने बिल से बाहर आ गए ...कोई खीश निपोरे हुए तो कोई कथई दांतों के सहारे खोखले बादे करते हुए ....जैसे फागुन के संग पतझड़ आ गया हो शहर में ....प्रस्तुत है चुनावी मंजर पर एक ग़ज़ल -


शीशे के घर पत्थर आया बहुत दिनों के बाद ।
शीशे के घर पत्थर आया बहुत दिनों के बाद ,
अरे चुनावी मंजर आया बहुत दिनों के बाद ।।
दोउ कर जोड़े , खीश निपोरे , बात करे बड़बोले -
दिल्ली से जो चलकर आया बहुत दिनों के बाद ।।
राग-भैरवी छेड़ रहे , पर फटी हुयी आबाज़ -
फागुन के संग पतझड़ आया बहुत दिनों के बाद ।।
चिकनी सूरत वाला सेठ भिखारी के घर जैसे -
चावल में फ़िर कंकड़ आया बहुत दिनों के बाद ।।
सबको रोटी , सबको कपडा ,सबको मिले मकान -
सुनकर मुझको चक्कर आया बहुत दिनों के बाद ।।
इन्द्र धनुषी घटाटोप में उलझाने "प्रभात " कोई -
वोटो का सौदागर आया बहुत दिनों के बाद ।।
()रवीन्द्र प्रभात

12 comments:

  1. बहुत सटीक और सम सामयिक ग़ज़ल
    ये पंक्तियाँ काफी अच्छी लगी -
    चिकनी सूरत वाला सेठ भिखारी के घर जैसे -चावल में फ़िर कंकड़ आया बहुत दिनों के बाद ।।

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  2. क्या बात है ,
    ग़ज़ल का हर शेर आज के माहौल को
    प्रतिबिंबित ,कोई ग़ज़ल कहना आप से सीखे !

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  3. A very nice article
    akhilesh
    for reading books rivew log on to
    http://katha-chakra.blogspot.com

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  4. एकदम सही चित्रण है गज़ल में..


    कैसी उम्दा गज़ल लिखी है, बहुत दिनों के बाद!!


    बहुत बेहतरीन!!

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  5. फ़ालो करें और नयी सरकारी नौकरियों की जानकारी प्राप्त करें:
    सरकारी नौकरियाँ

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  6. नेताओ के लिए तो यही काम करने का समय है फिर उसे जनता के मिलने का समय कहां है । संजू बाबा ने लखनऊ की राजनीति में थोड़ा उबाल जरूर ला दिया है । लोगो को लगता है कि यहां भी उनकी गांधीगिरी चलेगी खैर यह समय तो समय बताएगा । फिलहाल तो समय दंगल का है

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  7. सुंदर कमाल अद्भुत चावल में फ़िर कंकड़ आया बहुत दिनों के बाद ............! मेरे ब्लॉग पर पधार कर "सुख" की पड़ताल को देखें पढ़ें आपका स्वागत है
    http://manoria.blogspot.com

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  8. RAVINDRA JEE ,
    SANDARBH 'SHAMA ' KE BLOG PE AAPKEE TIPPANEE ' ACHCHA LAGA.
    BAS YE SALAH KEE JO ACHCHA LAGA VO KAHEEN PRAYOJIT GUMRAH ASATYA TO NAHEEN . VAHAA BHEE YAHEE TIPPANEE DEE HAI. LEKIN CHAL MODERATION SE USE DIKHAYA NA HEEN JAYEGA .ISLIYE SOCHA KI SEEDHE AAPSE KAHOON . YOU MAY DISREGARD THIS COMMENT WITH EVERY DISRESPECT, IF YOU MAY DECIDE WITHOUT SRUTINY FOR THE TRUTH.

    AND BEST LUCK .

    MY REGRETS IN ADVANCE , IF SO !

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  9. AAPKE CHINTAN, MANAN ,KAVYA KO MAIN GAMBHEER NA SAMAJHTA TO LIKHNE KEE JAHMAT NA UTHATA .

    BAS ITNA HAI KI KAHEEN AAP PROTSAHAN LEKHAN TO NAHEEN KAR RAHE, JO MUJHSE BHEE KARVAYA JA CHUKA HAI.

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