अभी पिछले दिनों मैंने परिकल्पना पर बसंतोत्सव का आयोजन किया । एक महीने तक कालजयी रचनाकारों के साथ-साथ आप सभी ने आज के कवियों की फागुनी रचनाएँ पढी । अपने वादे के अनुरूप वसंतोत्सव के समापन के दौरान परिकल्पना फगुनाहट सम्मान-२०१० की घोषणा करते हुए विजेता और उप विजेता को पुरस्कृत - प्रशंसित और प्रोत्साहित किया । साथ ही हिन्दी चिट्ठाकारी में पहली बार विजेता को भारी भरकम सम्मान राशि( रू ५०००/-) प्रदान की गयी .....खैर इस दौरान कुछ चिट्ठाकारों की मेल से प्राप्त टिपण्णी अशोभनीय रही । किसी को विश्वास ही नहीं था इतनी बड़ी सम्मान राशि प्रदान की जायेगी ।
यहाँ मैं आज स्पष्ट कर देना चाहता हूँ कि सृजनशीलता मेरे लिए महज सृजनशीलता नहीं, सामाजिक जीवन स्थितियों के खोखलेपन से उभरती एक मद्धिम सी अनुगूंज है जिससे मैं अपने अंतस के उस अकेलेपन को भरता हूँ जो मेरी साँसों की लय से जुडा है । मैं दूसरों की खुशियों में अपनी खुशी ढूँढने का प्रयास कराता हूँ । आप इस खुशी को किस रूप में लेते हैं यह आप पर निर्भर करता है ।


बहुत दिनों से मैं उस ब्लॉग को ढूंढ रहा था, जिसका उद्देश्य दूसरों की खुशियों में अपनी खुशी ढूँढने का हो । काफी खोजबीन के बाद आखिरकार मैने उस ब्लॉग को ढूंढ निकाला । उपरोक्त सारी स्थितियां परिलक्षित हो रही है जिस ब्लॉग के संयोजन - संचालन में, आप जानना चाहेंगे कौन है वह ब्लॉग ?

वह ब्लॉग है क्रिएटिव मंच-Creative Manch ....एक ऐसा मंच जहां आप पहुँच कर सृजनशीलता का सच्चा सुख अनुभव करेंगे । इस ब्लॉग के मुख्य संयोजक हैं श्री प्रकाश गोविन्द और उनके प्रमुख सहयोगी हैं सुश्री मानवी श्रेष्ठा, श्री अनंत , सुश्री श्रद्धा जैन , सुश्री शोभना चौधरी , सुश्री शुभम जैन और सुश्री रोशनी साहू

इस ब्लॉग से जुड़े चिट्ठाकारों का शरू से यह प्रयास रहा है कि कुछ सार्थक करने का प्रयास किया जाए ! आप कोई भी पोस्ट देख सकते हैं भले ही परिलक्षित न हो किन्तु अत्यंत मेहनत छुपी है हर एक पोस्ट में ! साज-सज्जा के लिहाज से आम तौर पर किसी के लिए ऐसी पोस्ट तैयार करना संभव नहीं है ब्लॉग जगत में जैसा कि कहा जाता है यहाँ प्रतिक्रियाएं लेन-देन के अंतर्गत होती हैं ! ऐसे माहौल में 'क्रिएटिव मंच' की लोकप्रियता हतप्रभ करती है क्योंकि 'क्रिएटिव मंच' कभी कहीं जाकर प्रतिक्रिया नहीं देता ! इसके बावजूद भी किसी भी पोस्ट पर २५ - ३० प्रतिक्रियाएं आना आम बात है !

१५ अगस्त २००९ को यह ब्लॉग प्रारम्भ हुआ था, यानी इस फरवरी में छह माह पूरे हो गए हैं ! इतने कम अरसे में जो प्यार और अपनापन इस ब्लॉग को अपने पाठकों से मिला है वो बहुत ही कम चिट्ठाकारों को नसीब हो पाता है ! आप एक बार इस ब्लॉग पर जाकर देखें आपको अवश्य महसूस हो जाएगा कि यह ब्लॉग हिन्दी चिट्ठाजगत के लिए क्या मायने रखता है ?

इस ब्लॉग के संयोजकों की मेहनत को दाद देनी होगी । कहा गया है कि में- मेधाविता के साथ, ह- हठधर्मिता के साथ, न-नवीनता के साथ और त- तन्मयता के साथ किये गए कार्य को ही मेहनत की संज्ञा दी जा सकती है । यह ब्लॉग इस कसौटी पर भी खरा उतर रहा है ।मुझे पूरा विश्वास है कि यह ब्लॉग आने वाले समय में अपनी लोकप्रियता से आपको ही नहीं सबको अचंभित करेगा । इस ब्लॉग से जुड़े समस्त सृजनकर्मियों को मेरा नमन !

13 comments:

  1. बहुत अच्छी लगी यह पोस्ट.... मंच का प्रयास सराहनीय है...

    कल आपके ओफ्फिस आऊं? सबको इकठ्ठा कर के.....होली मिलन भी हो जायेगा....राव साहब भी आ गए हैं... गोरखपुर से...

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  2. धन्‍यवाद रविन्‍द्र जी। मैं अभी पहुंचता हूं क्रिएटिव मंच पर। ऐसी जगहों की तलाश और उनकी जानकारी बांटना एक पुनीत कर्तव्‍य है हम सबका। आभार।

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  3. क्रिएटिव मंच मुझे भी बहुत पसंद है. आपने अच्छा विश्लेषण किया है.

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  4. यह है पारखी दृष्टि !
    सम्यक विवेचन ! आभार ।

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  5. क्रिएटिव मंच की टीम को बधाई.उनके प्रयास वाकई में सराहनीय हैं.
    अपने प्रयास में टीम आगे भी ऐसे ही बढ़ती रहे, शुभकामनायें .
    मुझे भी यह मंच प्रिय है.
    आप का आभार इस सुन्दर विश्लेषण के लिए.
    Ravindra ji आप की सृजनशीलता & dedication को नमन है.

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  6. मैं अभी पहुंचता हूं क्रिएटिव मंच पर।

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  7. हैरत में हूँ कि 'परिकल्पना फगुनाहट सम्मान २०१०' के आयोजन और प्रोत्साहन से किसी को भला क्या आपत्ति हो सकती है ! आपने एक ऐसी पहल की जिसकी हर लिहाज से प्रशंसा होनी चाहिए !

    'क्रिएटिव मंच' की चर्चा करने के लिए आपका हार्दिक आभार !

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  8. आदरणीय प्रभात जी,
    आपने मेरा नाम सार्वजनिक नहीं किया है , सलिए मैं भी बेनामी टिपण्णी दे रहा हूँ !
    मुझे कभी भी आपके किसी भी पहल पर संदेह नहीं रहा है और न आपके प्रयास में मुझे किसी प्रकार का भय,भ्रम, भ्रान्ति रही है ! आपने अपनी प्रतिभा को पिछले वर्ष ब्लॉग विश्लेषण करके सिद्ध भी किया है ! आप एक सच्चे साधक हैं इसमें भी मुझे कोई संदेह नहीं है , बस मेरे कहने का अभिप्राय यह था की हिन्दी ब्लोगरों में आज बहुत सारे ब्लोगर ऐसे हैं जो महज टी आर पी बढाने के लिहाज से ऐसा करते हैं ऐसे कई उदाहरण है ! जैसे अलवेला खत्री जी को ही लें उन्होंने ब्लोगर सम्मान की घोषणा की मगर वही धाक के तीन पात .....बस यही अंदेशा मुझे फगुनाहट सम्मान में भी था ...आपकी भावनाएं आहात हुयी , क्षमा प्रार्थी हूँ !

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  9. अभी देखा इस ब्लॉग को सही में प्रशंसनीय है यह शुक्रिया इस बढ़िया पोस्ट के लिए

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  10. बिलकुल सही कहा आपने। सृजनशीलता को बढावा देने के लिये ये एकमात्र ब्लाग है शायद जिस के सभी आयोजक मेहनती हैं । लगन है कुछ नया करने की। बहुत बहुत धन्यवाद्

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