आज पहली बार मेरे किसी सार्वजनिक बक्तब्य पर ब्लोगवाणी के नापसंद में सर्वाधिक चटका लगाया गया है ...कहा जाता है कि जिस लक्ष्य को प्राप्त करने में आपकी शक्ति का कण-कण दूसरों के लिए बेचैनी पैदा कर दे , तो समझ लीजिये आप लक्ष्य प्राप्ति की ओर बढ़ रहे हैं ......

 हर समाज में कुछ विध्वंसक तत्त्व होते हैं जिनका एक मात्र उद्देश्य होता है पवित्र उद्देश्यों को प्रभावित करना ,किन्तु इस दिशा में विचारकों का मत है ,कि अपनी इच्छाशक्ति को इतना बड़ा बना लीजिये कि आप परिस्थितियों द्वारा नियंत्रित न हो , बल्कि आप परिस्थितियों का नियंत्रण करें .

आप केवल बैठे रहकर अपनी गोद में सफलता के गिराने की प्रतीक्षा नहीं कर सकते . एक बार आपका मार्ग तय हो गया और आपकी इच्छा दृढ हो गयी तो आपको व्यवहारिक प्रयत्न करते रहना होगा . फिर आप देखेंगे कि आपकी सफलता के लिए जो भी आवश्यक है वह आपके पास आ जाएगा . हर चीज आपको सही दिशा में आगे बढायेगी और आप अपने लक्ष्य को प्राप्त कर लेंगे .....

ब्रेक से पहले हम बात कर रहे थे प्रथम अन्तराष्ट्रीय हिंदी ब्लॉग उत्सव की परिकल्पना के बारे में .....अब अपनी बात को हम समाप्त करें इससे पहले आपको बता दें कि निम्नलिखित श्रेणियों में सम्मान का प्रस्ताव लाया जा रहा है-
उत्सव में दिए जाने वाले सम्मान:

वर्ष के श्रेष्ठ चिट्ठाकार
वर्ष का श्रेष्ठ चिट्ठा
वर्ष का श्रेष्ठ तकनीकी चिट्ठा
वर्ष के श्रेष्ठ कवि/कवयित्री
वर्ष के श्रेष्ठ लेखक/लेखिका
वर्ष के श्रेष्ठ व्यंग्यकार
वर्ष के श्रेष्ठ गज़लकार
वर्ष के श्रेष्ठ ब्लॉग संरक्षक
वर्ष के श्रेष्ठ विज्ञान कथा लेखक
वर्ष के श्रेष्ठ बाल कलाकार
वर्ष के श्रेष्ठ चित्रकार
वर्ष के श्रेष्ठ कलाकार
वर्ष के श्रेष्ठ पोस्ट लेखक
वर्ष के श्रेष्ठ विचारक
वर्ष के श्रेष्ठ हिंदी प्रचारक
वर्ष के श्रेष्ठ ब्लॉग अतिथि
वर्ष के श्रेष्ठ ब्लॉग शुभचिंतक
वर्ष के श्रेष्ठ नवोदित ब्लोगर
वर्ष के श्रेष्ठ टिप्पणीकार आदि .....
 
इस सन्दर्भ में आपकी क्या राय है ? अवश्य अवगत करावें .
ब्लोगोत्सव-२०१० पर लगातार कार्यक्रम जारी रहेंगे दिनांक ३१.०५.२०१० तक और दिनांक ०१.०६.२०१० को परिकल्पना की आखिरी प्रस्तुति गीतों भरी शाम के साथ संपन्न होगा ब्लोगोत्सव .....!
अब रवीन्द्र प्रभात को अनुमति दीजिये, शुभ विदा

30 comments:

  1. उत्तम विचार है। इससे ब्लॉग,ब्लॉगिंग और ब्लॉगर-सबका भला होगा।

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  2. SIR JEE, YAH TO HONA HI THA... MAGAR AAP PARESHAAN NA HO... AAP SADMARG PAR HAIN

    AUR HAM AUR HAMARE JAISE SHUBHCHINTAKON KE RAHTE AAPKA YA PRAYAS YAQEENAN SAFAL HOGAA....

    AAPKA SALEEM

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  3. योजना बहुत अच्छी है मित्र लेकिन जरा देखकर.. किसी एक ने भी कुछ इसी तरह की योजना लांच की थी... उसका काफी विरोध हुआ था। देख लो भाई... सोच समझकर जैसा उचित लगे करो।

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  4. अच्छी योजना है. पारदर्शिता और सर्व सम्मति से किये गये कार्यों में विवाद की संभावना कम रहेगी. अनेक शुभकामनाएँ.

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  5. प्रोत्‍साहन स्‍वरूप आरंभ किए जा रहे सम्‍मान की इस परंम्‍परा का स्‍वागत है.

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  6. उत्तम विचार है,शुभकामनाएं!

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  7. .कहा जाता है कि जिस लक्ष्य को प्राप्त करने में आपकी शक्ति का कण-कण दूसरों के लिए बेचैनी पैदा कर दे , तो समझ लीजिये आप लक्ष्य प्राप्ति की ओर बढ़ रहे हैं ......
    यह बहुत बड़ी सच्चाई है, खुद ईश्वर लक्ष्य के मार्ग पर होते हैं

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  8. सम्‍मान की इस परंम्‍परा का स्‍वागत है.

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  9. सबका भला होगा.....शुभकामनाएं!

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  10. ...स्वागतम ... सराहनीय ... प्रसंशनीय ...!!!

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  11. Saarthak aur prashansniya vichar...
    Prastuti hetu haardik shubhkamnayne

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  12. 1) चयन का आधार क्या है?
    2) जज कौन-कौन हैं?
    3) क्या इस प्रक्रिया में हिन्दुत्ववादी, इस्लामवादी, नक्सलवादी, कमीनिस्ट सभी प्रकार के ब्लॉगर स्वतः ही शामिल होंगे, या नामांकन करना पड़ेगा?

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  13. परिकल्पना की यह कल्पना स्वागतयोग्य है

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  14. ravindra prabhat naamak 'ziddi vyakti' hi aise aayojanon ki 'parikalpana kar sakataa hai shubhkamanaye.

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  15. अच्छे काम करने वाले, बड़े काम करने वाले और हट कर काम करने वाले विघ्नों से नहीं डरते....

    आप का काम प्रशंसनीय है

    सफल होगा !

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  16. न्यायसंगत तरीक़े से ,
    श्रेष्ठ उद्देश्य की प्राप्ति के लिए ,
    नेक इरादों के साथ ,
    एक आदर्श की स्थापना के निमित्त ,
    ऐसा हो , कि …
    निर्णय जानने के उत्सुकों सहित
    निर्णय लेने वालों के मन भी गर्व और संतुष्टि से
    भर जाएं !
    न्याय की एक विश्वसनीय परंपरा की नींव रख दीजिए !
    शुभकामनाओं सहित
    - राजेन्द्र स्वर्णकार
    शस्वरं

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  17. सबसे पहले आप सभी का आभार प्रोत्साहित करने हेतु .....

    सुरेश जी,
    ये क्या हिन्दुत्ववादी,इस्लामवादी,नक्सलवादी, कमीनिस्ट की बात कर रहे हैं , एक सकारात्मक पहल है और समय के साथ सारी चीजें स्पष्ट हो जायेंगी मैं तो यही कहूंगा की कारज धीरे होंत है काहे होंत अधीर ?
    कविता जी आप भी समय का इंतज़ार करें सब कुछ धीरे धीरे स्पष्ट हो जायेंगे ....
    औरसमीर भाई, राज कुमार जी, संजीव जी, रश्मि जी, वर्मा जी, गिरीश जी एवं अलवेला जी इस जिद्दी व्यक्ति की हौसला हफजाई का शुक्रिया

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  18. इस टिप्पणी को एक ब्लॉग व्यवस्थापक द्वारा हटा दिया गया है.

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  19. बशर्ते कि निष्पक्ष हो, जिसकी उम्मीद कम ही है!

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  20. अपने को एक पाठक और दर्शक मानते हुए इस उत्सव के लिए शुभकामनाएँ दे सकते हैं कि आपका हर ऐसा प्रयास सफल हो जिसमे पढ़ने के लिए एक साथ कई खूबसूरत रचनाएँ मिलें..

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  21. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

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  22. क्या इस प्रक्रिया में हिन्दुत्ववादी, इस्लामवादी, नक्सलवादी, कमीनिस्ट सभी प्रकार के ब्लॉगर स्वतः ही शामिल होंगे, या नामांकन करना पड़ेगा?

    srimanji,

    please kuvein se bahar ki bhi sochiye.

    suman

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