मैं समय हूँ ! मैंने देखा -

ब्लोगोत्सव-२०१० का दूसरा दिन -

 इस उत्सव की सफलता की कामना कर रहे थे हिंदी के प्रख्यात हास्य-व्यंग्य कवि अशोक चक्रधर....साहित्य में सद्भावना को हास्य और व्यंग्य के माध्यम से प्रतिष्ठापित करने वाले अशोक चक्रधर को ब्लोगोत्सव में पाकर मैं हतप्रभ हुआ था तब ! 
 इस उत्सव में अशोक चक्रधर का व्यंग्य पढ़कर मैं धन्य हो गया । उनके व्यंग्य में एक ताजगी थी  और अपने आसपास के जीवन को बेहतर करने और समझने की लेखकीय आकांक्षा भी .... अहोभाग्य हमारे कि ऐसे  हस्ताक्षर से हमारा साक्षात्कार हुआ ।
इसी दिन  उड़न तश्तरी के पोपुलर होने का राज खोला
कानाडियाई भारतीय समीर लाल ने
इस ब्लोगोत्सव की टीम को  दो महत्वपूर्ण चिट्ठियां प्राप्त हुई -
पहले चिट्ठी अर्श की थी -
"बहुत बहुत बधाई इस माहौल को बनाने और कायम रखने के लिए... ब्लॉग महोत्सव ... अहा क्या बात है ... बहुत सारी बातें देखने और सिखाने को मिल रही हैं...''
ललित शर्मा ने कहा-
" यह उत्सव ब्लाग जगत के इतिहास में अवश्य ही मील का पत्थर साबित होगा। "
 तीसरे दिन --
ब्लोगोत्सव में पधारे
 प्रख्यात साहित्यकार श्री शकील अहमद सिद्दीकी
अपनी सारगर्भित  टिपण्णी के साथ
कविवर पन्त की मानस पुत्री ने सुनाये संस्मरण
चौथे दिन -
देश के सर्वाधिक सम्मानित चिट्ठाकार रवि रतलामी उपस्थित हुए
हिंदी चिट्ठाकारी के कई महत्वपूर्ण पहलूओं को उजागर करते हुए  ......

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इस कथा को थोड़ा विराम देने के बाद मैं पुन: उपस्थित होऊंगा .....तबतक चलिए चलते हैं कार्यक्रम स्थल की ओर जहा अपनी कविताओं के साथ उपस्थित हैं कवियित्री मीनू खरे ....यहाँ किलिक करें
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बने रहिये परिकल्पना के साथ, मिलते हैं एक अल्प विराम के बाद

3 comments:

  1. ब्लॉग और ब्लोगिंग को सार्थकता की ओर ले जाने वाले हर प्रयास को हमारा आभार / अशोक चक्रधर जी का बहुत-बहुत धन्यवाद जो उन्होंने ब्लोगरों के हौसला को बढ़ाने का काम किया /

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  2. ....बेहतर प्रस्तुति , बधाईयाँ !

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  3. सब कुछ आनन्दित करने वाला, मोद भरने वाला !

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