एक ऐसा कवि/चिट्ठाकार जिसने महज डेढ़ वर्षों की चिट्ठाकारी में वह मुकाम प्राप्त करने में सफल हुआ जो मुकाम शायद हीं किसी को अबतक प्राप्त हुआ हो .

एक ऐसा कवि जिसकी कविता की आग जलाती नहीं वल्कि कलुषित परिवेश की कालिमा जलाकर उसके बदले एक खुशहाली से भरे विहान की ललक में ही आग जगाती है !

एक ऐसा कवि जिसकी साहित्यिक साधना पाठकों के सिने में दबी आग को बाहर ही नहीं निकालते वल्कि उन्हें आंदोलित भी करती है !
जानते हैं कौन है वो ?
वो हैं ओम आर्य

जिन्हें ब्लोगोत्सव की टीम ने वर्ष का श्रेष्ठ युवा कवि का खिताब देते हुए सम्मानित करने का निर्णय लिया है !
विस्तृत जानकारी के लिए यहाँ किलिक करें

12 comments:

  1. बधाईयाँ और शुभकामनाएं....!

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  2. वाह...वाह......!!

    ओम जी क्या बात है .......!!

    मिठाइयाँ......?????

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  3. vakai aum ji ki kvitaon ka koi sani nahi ..
    bahut bahut badhai .

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  4. बधाईयाँ और शुभकामनाएं....!

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  5. इस सम्मान के लिये हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं

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  6. बहुत बहुत बधाई और शुभकामनाएँ

    प्रमोद ताम्बट
    भोपाल

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