ग़ज़ल

ज़िंदगी के श्वेत पन्नों को न काला कीजिये
आस्तिनों में संभलकर सांप पाला कीजिये।

चंद शोहरत के लिए ईमान अपना बेचकर -
हादसों के साथ खुद को मत उछाला कीजिये।

रोशनी परछाईयों में क़ैद हो जाये अगर -
आत्मा के द्वार से खुद ही उजाला कीजिये।

खोट दिल में हर किसी के यार है थोडी-बहुत
दूसरों के सर नही इल्ज़ाम डाला कीजिये ।

ताकती मासूम आँखें सर्द चूल्हों की तरफ ,
सो न जाये तब तलक पानी उबाला कीजिये।

जब तलक प्रभात जी है घर की कुछ मजबूरियाँ ,
शायरी की बात तब तक आप टाला कीजिये ।

() रवीन्द्र प्रभात

15 comments:

  1. बेहतरीन ....एक एक शेर करीने से पिरोया है
    माशाअल्लाह ...कमाल है
    ब्रह्माण्ड

    उत्तर देंहटाएं
  2. इसे तो धुन में होना चाहिए ताकि सबकी जुबां पे हो

    उत्तर देंहटाएं
  3. ताकती मासूम आँखें सर्द चूल्हों की तरफ ,
    सो न जाये तब तलक पानी उबाला कीजिये।
    वाह रवीन्द्र जी बहुत अच्छी गज़ल कही है। बधाई।

    उत्तर देंहटाएं
  4. चंद शोहरत के लिए ईमान अपना बेचकर -
    हादसों के साथ खुद को मत उछाला कीजिये।

    गज़ल का हर शेर बहुत कुछ सीख देता हुआ ...

    उत्तर देंहटाएं
  5. आस्तिनों में संभलकर सांप पाला कीजिये।nice

    उत्तर देंहटाएं
  6. बहुत अच्छी ग़ज़ल है , इसके सभी शेर लाजबाब है !

    उत्तर देंहटाएं
  7. बहुत अच्छी गज़ल कही है। बधाई।

    उत्तर देंहटाएं
  8. रोशनी परछाईयों में क़ैद हो जाये अगर -
    आत्मा के द्वार से खुद ही उजाला कीजिये।

    बहुत ही सुन्‍दर प्रस्‍तुति ।

    उत्तर देंहटाएं
  9. रोशनी परछाईयों में क़ैद हो जाये अगर -
    आत्मा के द्वार से खुद ही उजाला कीजिये।
    .....
    .....
    लाजवाब ग़ज़ल है
    एक-एक शेर बेहतरीन
    ग़ज़ल में भरपूर ताजगी है

    बहुत-बहुत बधाई
    आभार

    उत्तर देंहटाएं
  10. चर्चा मंच के साप्ताहिक काव्य मंच पर आपकी रचना 22 - 9 - 2010 मंगलवार को ली गयी है ...
    कृपया अपनी प्रतिक्रिया दे कर अपने सुझावों से अवगत कराएँ ...शुक्रिया

    http://charchamanch.blogspot.com/

    उत्तर देंहटाएं
  11. बहुत ही शानदार ग़ज़ल के लिए बधाई.

    उत्तर देंहटाएं
  12. prabhat ji
    bahut sundar rachana aur bahut sundar bhavabhivyakti, BADHAI

    उत्तर देंहटाएं
  13. PRABHAT JI
    BAHUT SUNDAR RACHANA AUR USASE BHEE SUNDAR BHAVABHIVYAKTI,BADHAI

    उत्तर देंहटाएं

आपका स्नेह और प्रस्तुतियों पर आपकी समालोचनात्मक टिप्पणियाँ हमें बेहतर कार्य करने की प्रेरणा प्रदान करती हैं.

 
Top