.......गतांक से आगे
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साहित्यिक गतिविधियों से समृद्धि की ओर अग्रसर ब्लॉग जगत
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इन्टरनेट पर उपलब्ध हिंदी पत्रिकाओ में अनुभूति,अभिव्यक्ति,प्रवक्‍ता समाचार-विचार वेबपोर्टल,पाखी हिंदी पत्रिका,अरगला इक्कीसवीं सदी की जनसंवेदना एवं हिन्दी साहित्य की त्रैमासिक पत्रिका,तरकश - हिन्दी का लोकप्रिय पोर्टल,एलेक्ट्रॉनिकी -एलेक्ट्रॉनिक्स, कम्प्यूटर, विज्ञान एवं नयी तकनीक की मासिक पत्रिका,सृजनगाथा- साहित्य, संस्कृति और भाषा की मासिक ,अनुरोध : भारतीय भाषाओं के प्रतिष्ठापन का अनुरोध,ताप्तीलोक, कैफे हिन्दी, हंस - हिन्दी कथा मासिक,अक्षय जीवन - आरोग्य मासिक पत्रिका,अक्षर पर्व - साहित्यिक वैचारिक मासिक,पर्यावरण डाइजेस्ट - पर्यावरण चेतना का हिन्दी मासिक,ड्रीम २०४७ - विज्ञान प्रसार की मासिक पत्रिका (पीडीएफ),गर्भनाल ( प्रकाशक : श्री आत्माराम शर्मा ),मीडिया विमर्श,वागर्थ : साहित्य और संस्कृति का समग्र मासिक,काव्यालय,कलायन पत्रिका,निरन्तर - अब सामयिकी जालपत्रिका में समाहित,भारत दर्शन - न्यूजीलैण्ड से हिन्दी की साहित्यिक पत्रिका,सरस्वती (कनाडा से),अन्यथा - magazine of Friends from India in America,परिचय - सायप्रस से अप्रवासी भारतीयों की हिन्दी पत्रिका,Hindi Nest dot Com, तद्भव, उद्गम : हिन्दी की साहित्यिक मासिका,कृत्या : कविताओं की पत्रिका, Attahaas : हास्य पत्रिका, रंगवार्ता : विविध कलारुपों का मासिक,क्षितिज - त्रैमासिक हिन्दी साहित्यिक पत्रिका,इन्द्रधनुष इण्डिया : साहित्य और प्रकृति को समर्पित,सार-संसार : विदेशी भाषाओं से सीधे हिंदी में अनूदित साहित्य की त्रैमासिक हिन्दी पत्रिका,लेखनी - हिन्दी और अंग्रेजी की मासिक जाल-पत्रिका,मधुमती - राजस्थान साहित्य अकादमी की मासिक पत्रिका,साहित्य वैभव - संघर्षशील रचनाकारों का राष्ट्रीय प्रतिनिधि,विश्वा,सनातन प्रभात,हम समवेत,वाङ्मय - त्रैमासिक हिन्दी पत्रिका,समाज विकास - अखिल भारतीय मारवाडी सम्मेलन की पत्रिका,गृह सहेली,साहित्य कुंज - पाक्षिक पत्रिका,लोकमंच,उर्वशी - सहित्य और शोध के लिये समर्पित़ डा०राजेश श्रीवास्तव शम्बर द्वारा सम्पादित वेब पत्रिका प्रतिमाह प्रकाशित,संस्कृति - सांस्कृतिक विचारों की प्रतिनिधि अर्द्धवार्षिक पत्रिका, प्रेरणा , जनतंत्र , समयांतर , में केवल साहित्य कुञ्ज वर्ष -२०१० में अनियमित रही , शेष सभी पत्रिकाओं ने अपनी सक्रियता को बनाए रखा

वर्ष-२०१० में ब्लॉग पर हिंदी में कई विषयों पर सामग्री उपलब्ध कतिपय ब्लॉग द्वारा उपलब्ध कराई गयी । यह देखकर संतोष हुआ कि ब्लॉग साहित्य को नकारने वाले कुछ लोग ब्लॉग पर लगभग प्रत्येक विधा का साहित्य उपलब्ध कराने की दिशा में सक्रिय रहे । कविता व कहानी के साथ-साथ तत्कालीन साहित्यिक जानकारी लगातार परोसी गयी । आज भले ही हिंदी साहित्य ब्लॉग पर अपनी शैशवास्था में हो पर आने वाला समय निश्चित रूप से उसी का है, ऐसा मेरा मानना है ।

आज भले ही हिंदी के साहित्यकारों की पहुंच ब्लॉगों पर लगभग १० प्रतिशत के आसपास ही है। लेकिन इंटरनेट उपयोगकर्त्ताओं की बढ़ती संख्या आस्वस्त करती है कि हिंदी का दायरा अब देश की सीमाएं लांघकर दुनिया भर में अपनी पैठ बना रहा है । अनेक सामूहिक ब्लॉग साहित्यकारों-लेखकों को एक दूसरे के क़रीब ला रहा हैं। फलत: उन्हें एक दूसरे के द्वारा किए गए लेखन के संबंध में जानकारी मिलती है।


साहित्यकारों /संस्कृतिकर्मियों की विश्राम स्थली के रूप में विख्यात इन वेब पत्रिकाओं के अतिरिक्त कुछ ऐसे ब्लॉग हैं जो हिंदी साहित्य को समृद्ध करने और साहित्यिक कृतियों को प्रकाशित करने की दिशा में सक्रिय रहे इस वर्ष । इस वर्ष ब्लॉग पत्रिकाओं के रूप में अपनी पहचान और स्तरीयता बनाए रखने में जो ब्लॉग सफल रहा उसमें पहला नाम आता है हिंद युग्म का । हिंद युग्म एक तरह से हिंदी ब्लोगिंग में साहित्य को प्रतिष्ठापित करने की दिशा में क्रान्ति का प्रतीक है , दूसरा नाम आता है -
रचनाकार
का , उसके बाद साहित्य शिल्पी और फिर विचार मीमांशा , नारी का कविता ब्लॉग, नारी ,हिंदी साहित्य मंच,हिंदी साहित्य,हिंदी साहित्य,साहित्य ,साहित्य वैभव ,मोहल्ला लाईव, साखी,वटवृक्ष, सृजन (सुरेश यादव ), वाटिका, मंथन, महावीर, शब्द सभागार, राजभाषा, लोकसंघर्ष पत्रिका, राजभाषा हिंदी , गवाक्ष, काव्य कल्पना, ब्लोगोत्सव-२०१०, साहित्यांजलि, कुछ मेरी कलम से ,चोखेर वाली, नवोत्पल ,युवा मन , सुबीर संवाद सेवा, अपनी हिंदी , हथकढ , हिंदी कुञ्ज , पढ़ते पढ़ते , तनहा फलक, आवाज़ , नयी बात, कबाडखाना , कारवां , सोचालय, पुरवाई ,एक शाम मेरे नाम ,साहित्य सेतु कबीरा खडा बाज़ार में आदि



कुछ ऐसे व्यक्तिगत ब्लॉग जो ब्लोगरों की निजिगत रचंनाओं से भरे है, किन्तु उनकी सृजनधर्मिता का कायल है हिंदी ब्लॉगजगत । वर्ष-२०१० में जिन व्यक्तिगत ब्लॉग पर सृजनधर्मिता काफी देखी गयी उसमें प्रमुख है - उड़न तश्तरी,फुरसतिया, सद्भावना दर्पण, आखर कलश,.....मेरी भावनाएं, काव्य मंजूषा, यमुनानगर हलचल, कुछ कहानियां कुछ नज्में, विचार , गीत...मेरी अनुभूतियाँ , बिखरे मोती, स्पंदन, खिलौने वाला घर , एक सवाल तुम करो, नन्हा मन, कविता, नज्मों की सौगात, ठाले बैठे , वीर बहुटी , अनुशील,शब्द शिखर, उत्सव के रंग , बाल दुनिया , काव्य कल्पना, अफरा-तफरीह, जख्म जो फूलों ने दिए , एक प्रयास, ज़िन्दगी एक खामोश सफ़र , स्वप्न मेरे , देखिये एक नज़र इधर भी , कविता रावत ,कुछ मेरी कलम से, अमृता प्रीतम की याद में ,सदा ,ज्ञान वाणी ,गीत मेरे ,दो बातें एक एहसास की ,न दैन्यं न पलायनम , मिसफिट सीधी बात ,दिशाएँ ,अर्पित सुमन, बाबरा मन , कोना एक रुबाई का ,सत्यार्थ मित्र,संवाद ,पारुल चाँद पुखराज का,हिंदी भारत , ज़िन्दगी कि आरज़ू , मसि कागद ,मेरे विचारों की दुनिया..श्याम स्म्रिति( The world of my thoughts,shyamsmrtiie modern manusmriti...), हमराही , गुस्ताख ,आदि


अब तक यही कहा जाता रहा है कि ब्लॉग पर प्रकाशन की स्वतन्त्रता के कारण जो साहित्य परोसा जा रहा है वह स्तरीयता और प्रभाव के दृष्टिगत मानक के बिपरीत है , किन्तु इस वर्ष कुछ ब्लोगरों ने उस मिथक को तोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य किया है, जिसमें प्रमुख हैं -

अशोक चक्रधर,रवि रतलामी,समीर लाल समीर,गिरीश पंकज,हिमांशु कंबोज,रश्मि प्रभा,डा कविता वाचकनवी,निर्मला कपिला,रश्मि रविजा,रन्जू भाटिया,शिखा वार्ष्णेय,महफूज़ अली,गिरीश बिल्लोरे 'मुकुल',जय प्रकाश मानस,अविनाश वाचस्पति,अनूप शुक्ल,अलवेला खत्री,जाकिर अली रजनीश,डा श्याम गुप्त,स्वप्न मंजूषा अदा,शरद कोकाश,डा ऋषभ देव शर्मा,अनिता कुमार ,डा अजीत गुप्ता,प्रेम जनमेजय,जगदीश्वर चतुर्वेदी,दिविक रमेश,खुशदीप सहगल ,राम त्यागी,अनुराग शर्मा,महावीर शर्मा,सुभाष नीरव,रवीन्द्र प्रभात,बसंत आर्य ,ओम आर्य,राजेन्द्र स्वर्णकार,प्रमोद सिंह ,दीपक मशाल,अविनाश,सुदर्शन,डॉ. टी एस दराल,महेन्द्र वर्मा,बबली ,कविता रावत ,सुज्ञ ,देवेन्द्र पाण्डे ,संजीव तिवारी ,महेंद्र मिश्र,वाणी गीत ,परमजीत सिंह बाली ,डॉ. मोनिका शर्मा ,प्रवीण त्रिवेदी ,रावेन्द्र कुमार रवि ,इस्मत ज़ैदी ,पारुल पुखराज ,ज्योति सिंह ,पूनम श्रीवास्तव,संगीता स्वरूप ,वन्दना,शाहिद मिर्ज़ा,शोभना चौरे,राहुल सिंह ,श्री पी सी गोदियाल ,अशोक कुमार पाण्डेय,मीनू खरे,हेमंत कुमार ,सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी,विनीता यशस्वी ,मिता दास ,लावण्या शाह ,पंकज नारायण ,कुलवंत हैप्पी,कुसुम कुसुमेश,राजेश उत्साही,दिगम्बर नासवा,वन्दना अवस्थी दुबे,ZEAL,प्रज्ञा पाण्डेय ,आशा जोगलेकर ,आकांक्षा यादव ,ललित शर्मा,के के यादव,मनोज कुमार ,लक्ष्मी शंकर बाजपाई,शेफालिका वर्मा,मिता दास,जयकृष्ण राय तुषार,दीपक बाबा,अर्पिता ,सदा ,डॉ. अनुराग ,अनिल कांत , झरोखा ,उपेन्द्र ,महेन्द्र वर्मा ,प्रवीण पाण्डेय ,प्रवीण शाह,सुशीला पुरी,संजय भास्कर ,राजेश्वर वशिष्ठ ,डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ,अभिषेक ओझा,सुनील गज्जाणी,राजेश्वर वशिष्ठ ,अशोक बजाज,अमिताभ श्रीवास्तव,रानी विशाल,डॉ. दिव्या,अमिताभ मीत,अनामिका की सदायें ,अमरेन्द्र नाथ त्रिपाठी,राजेश उत्साही ,डॉ. दिव्या ,डॉ. मोनिका शर्मा,रचना दीक्षित ,इस्मत ज़ैदी ,सूर्यकांत गुप्ता ,प्रवीण त्रिवेदी ,गिरिजा कुलश्रेष्ठ ,अशोक बजाज ,नूतन नीति,अराधना चतुर्वेदी मुक्ति,वन्दना गुप्ता,मुकेश कुमार सिन्हा,ज्योत्सना पाण्डेय,डा सुभाष राय,सरस्वती प्रसाद,सुमन मीत,खतेलू,अपर्णा,रेखा श्रीवास्तव,विजय कुमार सपत्ति, अपराजिता कल्याणी ,साधना वैद,राजीव कुमार,शेफाली पाण्डेय,नीलम पुरी,अख्तर खान अकेला,संगीता स्वरुप,खुशबू प्रियदर्शनी ,प्रिया चित्रांसी ,नरेन्द्र व्यास नरेन्,राज कुमार शर्मा राजेश,किशोर कुमार खोरेन्द्र,पंकज उपाध्याय,सत्य प्रकाश पाण्डेय,राम पति, एम वर्मा,आलोक खरे,सुमन सिन्हा,नीलम प्रभा,सुधा भार्गव,प्रीति भाटिया,जेन्नी शबनम,अरुण सी राय,प्रतीक माहेश्वरी,डोरोथी,शेखर सुमन,अविनाश चन्द्र,अनिता निहलानी,मुदिता गर्ग,अंजना (गुडिया ),पूजा,अशोक बजाज,क्षितिजा,सीमा सिंघल,अनुपम कर्ण,दीप्ती शर्मा,बबिता अस्थाना,हरिहर झा,अनुपमा पाठक,अर्चना वर्मा,अर्चना देशपांडे,तौशिफ हिन्दुस्तानी,शिशुपाल प्रजापति,अनवारुल हसन,डा आदित्य कुमार,डा मान्धाता सिंह,एजाजुल हक़,जावेद ए जाफ्हरी,गुफरान मोहम्मद,ज्योति वर्मा,फिरदौस खान,लोकेन्द्र,रचना त्रिपाठी,प्रबल प्रताप सिंह,संतोष कुमार प्यासा,सर्बत एम जमाल,सुधीर गुप्ता चक्र,अरविन्द कुमार शर्मा,अशोक मेहता,अताउर रहमान,आवेश,वेद व्यथित,गोपाल जी श्रीवास्तव,डा निरुपमा वर्मा,पवन मेराज,प्रवीण शुक्ल (प्रार्थी) ,रजनीश राज,राकेश पाण्डेय,आचार्य संजीव वर्मा सलिल,सिद्धार्थ कलहंस,सचिन अग्रवाल,उमेश मिश्र,विकास कुमार,अपर्णा बाजपाई,डा अयाज़ अहमद,डी पी मिश्रा,असलम कासमी,हरीश सिंह, एजाज़ अहमद इद्रिशी,घनश्याम मौर्या,हिमांशु पन्त,दुर्गेश कुमार,डा अज़मल खान,आनंद पाण्डेय,विनोद परासर,प्रकाश पाखी,अंबरीश श्रीवास्तव,अंकुर कुमार अश्क,डा कृष्ण मित्तल,दर्शन लाल बबेजा,वीणा,डा अनवर जमाल,अरुणेश मिश्र,मनीष मिश्र,रेखा सिन्हा,शाजिद,सह्वेज मल्लिक,शिवम् मिश्रा,शाहनवाज़,शेषनाथ पाण्डेय,नीरज गोस्वामी,गौतम राजरिशी,पंकज सुबीर,रवि कान्त पाण्डेय,प्रकाश सिंह अर्श,संगीता सेठी,शमा कश्यप,डा कुमारेन्द्र सिंह सेंगर,विनोद कुमार पाण्डेय,राम शिव मूर्ति यादव,अमित कुमार,प्रवीण पथिक,शोभना चौधरी शुभी,विनय प्रजापति नज़र,हर्षवर्द्धन,अशोक कुमार मिश्र,डा महेश सिन्हा,संजीत त्रिपाठी,प्रियरंजन पालीवाल,जी के अवधिया,इंदु पुरी,विवेक रस्तोगी,रूप सिंह चंदेल,अशोक कुमार पाण्डेय ,देवेन्द्र प्रकाश मिश्रा,चिराग जैन,राकेश खंडेलवाल,सोनल रस्तोगी,संजीव तिवारी,विवेकानंद पांडे,यशवंत मेहता यश,श्यामल सुमन, पवन चन्दन,दीपक शुक्ल,अजित कुमार मिश्र,सुरेश यादव,अमित केशरी,राज कुमार ग्वालानी,पंडित डी के शर्मा बत्स, पंकज मिश्र,मसिजीवी,संगीतापुरी,उदय,एस एम मासूम,विवेक सिंह ,प्रकाश गोविन्द,माधव,दीपक भारतदीप,शैलेश भारतवासी,रतन सिंह शेखाबत,कुंवर कुशुमेश,प्रभातरंजन,अरविन्द श्रीवास्तव,अक्षिता पाखी,प्रताप सहगल,प्रमोद तांबट,योगेन्द्र मौदगिल, डा आशुतोष शुक्ल,एच पी शर्मा,अजित राय,हिमांशु,चंडी दत्त शुक्ल,सिद्दार्थ जोशी,संगीता मनराल,राजीव तनेजा,पद्म सिंह,उपदेश सक्सेना,नरेश सिंह राठौड़,गगन शर्मा,कनिष्क कश्यप,विजय तिवारी किसलय,ब्रिज मोहन श्रीवास्तव,मानव मेहता,राजीव रंजन प्रसाद (साहित्य शिल्पी ),त्रिपुरारी कुमार शर्मा,रोहिताश कुमार,शेखर कुमावत,जितमोहन झा ,बृज शर्मा,अंकुर गुप्ता ,चन्द्रकुमार सोनी,पवनकुमार अरविन्द,जयराम विप्लव,अमरज्योति,अमलेंदु उपाध्याय,विनीत कुमार, शिरीष खरे,इष्ट देव संकृत्यायन,शिव नारायण,श्रुति,सुशील वकलिबास आदि ।



जहां तक मुद्दों की बात है, इस वर्ष प्रमुखता के साथ छ: मुद्दे छाये रहे हिंदी ब्लॉगजगत में । पहला बिभूती नारायण राय के बक्तव्य पर उत्पन्न विवाद, दूसरा नक्सली आतंक,तीसरा मंहगाई,चौथा अयोध्या मामले पर कोर्ट का फैसला,पांचवां कॉमनवेल्थ गेम में भ्रष्टाचार और छठा बराक ओबामा की भारत यात्रा ।इन्हीं छ: मुद्दों के ईर्द-गिर्द घूमता रहा हिंदी ब्लॉगजगत पूरे वर्ष भर ।

इस पर हम खुलकर बात करेंगे अगले भाग में .........!


......जारी है विश्लेषण ,मिलते हैं एक विराम के बाद

33 comments:

  1. अथक परिश्रम का परिणाम है यह प्रस्‍तुति ...सबको समेट लिया है आपकी कलम ने ..आभार के साथ शुभकामनायें ...।

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  2. आपके श्रम के आगे नतमस्तक होने को दिल करता है. बहुत बहुत आभार .

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  3. कभी-कभी सोचता हूँ कि क्या ऐसे महान व्यक्तित्व के सान्निध्य में हमें पुष्पित और पल्लवित होने का अवसर मिल रहा है , इतना सोचकर गर्व से सीना फूल जाता है ! सचमुच आप हिंदी ब्लॉगजगत के महानायक हैं , नज़र न लगे आपकी लेखनी को यही ईश्वर से प्रार्थना है !

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  4. कोई ब्लॉग छुटा नहीं आपसे ...सलाम आपकी मेहनत को दिल से बहुत बहुत शुक्रिया

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  5. इतनी विस्तृत जानकारी ...सच में आपका यह कार्य इन्टरनेट की दुनिया में हिंदी साहित्य को एक नयी दिशा की और ले जाने में बेजोड़ हैं .......हर ब्लॉग तक पहुँचने के लिए आपके इस प्रयास की जिंतनी सराहना की जाय कम है ...आपका बहुत बहुत आभार

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  6. शानदार लेख,जिंतनी सराहना की जाय कम है !

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  7. आपके इस अनथक परिश्रम से परिपूर्ण परिकल्पना प्रयास हेतु आभार. साधुवाद...

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  8. आपकी मेहनत का जबाब नहीं .. बहुत बढिया लगा ये विश्‍लेषण !!

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  9. गज़ब की पोस्ट ...इतने सारे ब्लोग्स की जानकारी इकठ्ठा करना ...नमन है आपके परिश्रम को ..आभार

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  10. सचमुच महान परिश्रम कर रहे हैं aap....इतने चिठों का विश्लेषण करने में कितना समय व परिश्रम लगा होगा यह तो हमारी सोच से परे है....नमन है...

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  11. जिस तरीके से ब्लॉग लेखन का स्तर सतही ( अत्यल्प बेहतर लेखन को छोड़कर ) है , उसी तरह यह मूल्यांकन का प्रयास भी सतही है . जी , सतही का मतलब स्तरहीन होने से ही है .

    मठाधीसी , आंतरिक 'सेटिंग' , छपास-रोग का अन्धानुराग , विपरीत-लैंगिक खिंचाव में फालतू पोस्टों पर अधिक संख्या में फेंचकुर फेंकती टिप्पणियाँ , ठीक टीपों का खामखा 'डिलीटीकरण' , प्रतिशोधात्मक कीचड-उछौहल , मूल्यहीनता के साथ सम्मान वितरण और तज्जन्य वाहवाही .........आदि नकारात्मक सक्रियताएं हिन्दी ब्लॉग-जगत की मुख्यधारा की सच हैं . हो सके तो इनका भी मूल्यांकन करना सीखा जाय . सामूहिक आत्ममुग्धता से बाज आकर शायद कुछ बेहतर किया जा सके . इमानदार मूल्यांकन करेंगे तो दीर्घकालिक खुशी होगी , नहीं तो यूँ एक-दुसरे की पीठ ठोंक कर खुशी होने में खुशी ही खुशी है . आभार !!

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  12. हमने क्या किया क्या नहीं इस का तो कुछ अंदाज़ नहीं ... पर हिंदी ब्लॉग जगत आपके किये हुए इस बेहद उम्दा योगदान को कभी नहीं भुला पायेगा ! बहुत बहुत आभार !

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  13. आपकी कर्मठता को नमन. इतनी मेहनत !

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  14. शानदार आलेख । आपकी कर्मनिषठा को बार बार नमन।

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  15. अमरेन्द्र जी,
    आपकी बातों से मैं सहमत हूँ , किन्तु आपकी टिपण्णी में भी वही उत्तेजना परिलक्षित हो रही है जिसके ईर्द-गिर्द हिंदी ब्लॉग जगत और मूल्यांकन के होने की बात आप कर रहे हैं , यानी सतही और स्तरहीन !
    आपने अत्यल्प की बात कही और यह दर्शाने की कोशिश भी की कि हिंदी ब्लॉगजगत में आप जैसे कुछ लेखकों के सिवा हर कोई स्तरहीन लिखता है ...यह आत्ममुग्धता नहीं तो और क्या है ?
    आप जैसे बड़े और महान लेखक की टिपण्णी पढ़कर मुझे अतीव प्रसन्नता हुई, आशा करता हूँ कि आप जिस तरह की टिपण्णी के लिए जाने जाते हैं, नए वर्ष में भी बने रहेंगे !

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  16. आपके अथक परिश्रम के आगे नतमस्तक हैं।

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  17. अच्छा विश्लेषण---काफ़ी परिश्रम किया गया है---एक ब्लोग और जोडें--
    ---मेरे विचारों की दुनिया..श्याम स्म्रिति( The world of my thoughts,shyamsmrtiie modern manusmriti...)
    ---http://shyamthot.blogspot.com

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  18. ब्लोगिंग के इतिहाश में आपका नाम स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जायेगा.....

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  19. आपका सहयोग, आपकी शुभकामनाएं और आपके सद्विचार ही हमारा संबल है ....आप सभी का कोटिश: आभार !

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  20. .
    @ आपने अत्यल्प की बात कही और यह दर्शाने की कोशिश भी की कि हिंदी ब्लॉगजगत में आप जैसे कुछ लेखकों के सिवा हर कोई स्तरहीन लिखता है ...

    --- ये सारी मनगढ़ंत आरोपयुक्त अतिरिक्त ध्वनियाँ निकाल रहे हैं आप मेरे कमेन्ट से ! आप मेरी बात की तह तक जाते तो बेहतर होता . न किसी मठ से हूँ , न खेमे से हूँ . कृपया आप मुझे बड़ा और महान लेखक न कहें , मुझमें इतना साहस - शक्ति - प्रतिभा नहीं है , सच कहूँ तो कहीं न कहीं अज्ञान है जो खामखा टीप करके आप सज्जनों और गुनी-ज्ञानियों को तकलीफ देता है , सो ईश्वर करे कि आगामी वर्ष में मेरी ये तकलीफदेय टीपें अवश्य न हों. पर ईश्वर करे कि आप जिसके लिए जाने जाते हैं , जो करते हैं , वह आप निष्कंटक हो कर करें . आभार !

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  21. ब्‍लॉग विश्‍लेषण का ऐसा श्रमसाध्‍य और साहसिक प्रयास शायद पहले कभी नहीं किया गयाा इसके लिए आप बधाई के पात्र हैंा अमरेन्‍द्र जी की टिप्‍पणी भी पढीा उनकी बातें कुछ हद तक सही हो सकती हैं किन्‍तु अंतत: इस बात को स्‍वीकार करना पडेगा कि ब्‍लाग अभिव्‍यक्ति के एक सशक्‍त माध्‍यम के रूप में उभर कर सामने आ चुका हैा इसकी व्‍यापक पहुँच एवं उपयोगिता पर कोई संदेह नहीं किया जा सकताा रही बात गुणवत्‍ता की तो प्रिंट मीडिया में जो छप रहा है वह क्‍या है, ब्‍लॉंग में कम से कम आपको ईमानदार अभिव्‍यक्ति तो पढ्ने को मिलती हैा

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  22. रवींद्र जी ! अक्खा लखनऊ को मेरा प्यार भरा नमस्कार कहें ..........निंदक नियरे राखिये और परिमार्जन के साथ अपना सुप्रयास ज़ारी रखिये .........हो सकता है समीक्षा में कुछ त्रुटियाँ हो गयी हों ........पर नीयत अगर साफ़ है तो मंगलमय परिणाम को कोई टाल नहीं सकता ...........आपके परिश्रम को नमन !!!

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