ब्लॉगोत्सव और परिकल्पना सम्मान को जारी रखने और न रखने को लेकर कतिपय चिट्ठाकारों/साहित्यकारों की ई-मेल और टिपण्णी के माध्यम से प्रतिक्रियाएं प्राप्त हुई, सभी टिप्पणीकारों के प्राप्त विचारों के अवलोकनोपरांत मैं इस निष्कर्ष पर पहुंचा हूँ कि ब्लॉगोत्सव को इसवर्ष जारी ही न रखा जाए, वल्कि इसे और सहज बनाते हुए संपूर्ण पारदर्शिता के साथ सार्वजनिक किया जाए ! साथ ही मैं इस निष्कर्ष पर भी पहुंचा हूँ कि परिकल्पना सम्मान-२०११ के लिए पूर्व की भांति उन्ही रचनाकारों में से ५१ सर्जकों का चयन किया जाए जो ब्लॉगोत्सव-२०११ में हिस्सा लेंगे , यानी ब्लॉगोत्सव में हिस्सा न लेने वाले रचनाकार इस बार भी इस सम्मान से वंचित रहेंगे !
इस बार कुछ नया करने की सोच के अंतर्गत ब्लॉगोत्सव-२०११ हेतु निर्णायक मंडल का गठन किया जा रहा है, शीघ्र ही इसकी सूचना संप्रेषित की जायेगी .
 
 मेरा मानना है कि सद्भाव ही वह शक्ति है जिसके बल पर यह हिन्दी ब्लॉग जगत सबल होगा ।इन्हीं उद्देश्यों के दृष्टिगत हम १५ जून-२०११ से परिकल्पना .कॉम पर मनाने जा रहे हैं "परिकल्पना ब्लॉग उत्सव-2011"

•इस बार भी इस उत्सव का नारा होगा- "अनेक ब्लॉग नेक ह्रदय"

 
•इस उत्सव में हम प्रस्तुत करेंगे कुछ कालजयी रचनाएँ , विगत दो वर्षों में प्रकाशित कुछ महत्वपूर्ण ब्लॉग पोस्ट , ब्लॉग लेखन से जुड़े अनुभवों पर वरिष्ठ चिट्ठाकारों की टिप्पणियाँ ,साक्षात्कार , मंतव्य आदि ।


•विगत वर्ष-२०१०  में ब्लॉग पर प्रकाशित कुछ महत्वपूर्ण कवितायें, गज़लें , गीत, लघुकथाएं , व्यंग्य , रिपोर्ताज, कार्टून आदि का चयन करते हुए उन्हें प्रमुखता के साथ हम ब्लॉग उत्सव के दौरान प्रकाशित भी करेंगे ।


•कुछ महत्वपूर्ण चिट्ठाकारों की रचनाओं को स्वर देने वाले पुरुष या महिला ब्लॉगर के द्वारा प्रेषित ऑडियो/वीडियो भी प्रसारित करेंगे ।


•उत्सव के दौरान प्रकाशित हर विधा से एक-एक ब्लॉगर का चयन कर , गायन प्रस्तुत करने वाले एक गायक अथवा गायिका का चयन कर तथा उत्सव के दौरान सकारात्मक सुझाव /टिपण्णी देने वाले श्रेष्ठ टिप्पणीकार का चयन कर उन्हें सम्मानित किया जाएगा ।


•साथ ही हिन्दी की सेवा करने वाले कुछ वरिष्ठ चिट्ठाकारों को विशेष रूप से सम्मानित किये जाने की योजना है ।


•यह उत्सव दो महीने तक परिकल्पना.कॉम पर चलेगा ।

एक निवेदन :  महत्वपूर्ण  संस्कृतिकर्मियों/समाजसेवियों/साहित्यकारों /चिट्ठाकारों का साक्षात्कार भेजकर इस उत्सव को गरिमा प्रदान करें

इस उत्सव में शामिल होने के इच्छुक चिट्ठाकारों/रचनाकारों से निवेदन है क़ि वे अपनी कम से कम दो रचनाएँ ( यथा साक्षात्कार,कविता, कहानी, लघुकथा, व्यंग्य,संस्मरण,आलेख,विमर्श आदि ) एक ताज़ा फोटोग्राफ और अपने बारे में संक्षिप्त परिचय के साथ निम्न ई-मेल आई डी पर प्रेषित करें :
parikalpanaa@gmail.com
 
ब्लॉगोंत्सव से संवंधित हर प्रकार की जानकारी अथवा सुझाव हेतु उपरोक्त ई-मेल आई डी का ही प्रयोग करें .... 
 
रचनाएँ भेजने की अंतिम तिथि : ०१ जून २०११

55 comments:

  1. ये हुआ शुरु सबसे मुश्किल काम्……………अब अपने आप अपनी रचनाये छांटना और वो भी सर्वश्रेष्ठ बडा ही मुश्किल काम है ना……………चलिये करते है शुरु …………शामिल तो हो ही जायें फिर अन्जाम जो चाहे हो…………स्वागत है आपके संदेश का।
    हम से जिस भी प्रकार का सहयोग बन सकेगा जरूर करेंगे।

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  2. स्वागत है परिकल्पना महोत्सव २०११ का... हमारी शुभकामनाएँ परिकल्पना के साथ हैं... बधाई

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  3. मतलब जिन्‍हें निर्णायक मंडल में चुन लिया, उनका तो पुरस्‍कार गया। पहले परिकल्‍पना सम्‍मान में सम्‍मानित क्‍या दोबारा भी सम्‍मान प्राप्‍त कर सकते हैं - इन और ऐसी अनेक नेक जिज्ञासाओं को भी स्‍पष्‍ट करते तो बेहतर होता और हां टीम कहां है। अंतिम तारीख एक जून तो बहुत जल्‍दी है। इसे बढ़ाकर 30 जून किया जाना चाहिए।

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  4. ढेरों शुभकामनायें...ब्लोगिंग एक ऐसा प्रभावी माध्यम बने की उसका खौफ भ्रष्ट व निकम्मे शासकों को हो यही मेरी कामना है...ब्लोगिंग भ्रष्ट शासकों का सत्ता जिसदिन पलटने की ताकत रखेगा उस दिन ब्लोगिंग का स्वर्णिम युग होगा...

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  5. नुक्कड़ वाले अविनाश जी,
    इस कार्यक्रम में निर्णायक भी हैं,परिचायक भी है, सम्मान भी, आत्म सम्मान भी है.....सबकुछ है पर आपके सहयोग के बिना कुछ भी नहीं ...शीघ्र ही आपसे विमर्श करूंगा इस सन्दर्भ में !

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  6. रविन्द्र प्रभात जी ,
    अविनाश भाई को पहले पुरस्कार में मेरी भी सहमति थी मगर उस थैले का माल वायदानुसार नहीं मिला अतः अगर दूसरा पुरस्कार मिला तो मुझे अनशन पर बैठा मानिये :-) ,
    शुभकामनायें आपको !

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  7. आपके इस प्रयास की सफलता के लिये शुभकामनाएं ।

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  8. बहुत-बहुत स्वागत है परिकल्पना महोत्सव 2011 का...

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  9. सतीश जी,
    अविनाश जी के थैले का माल आपसी सहमति से गायब किया गया, क्योंकि वे अन्ना भाई हैं और उन्हें रकम नहीं करम चाहिए ....हा हा हा

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  10. मेरे समझ से निर्णायक मंडल में परिकल्पना सम्मान से सम्मानित कुछ महत्वपूर्ण और सक्रीय ब्लॉगरों को शामिल किया जाना चाहिए, ताकि यह नेक परंपरा कायम रह सके और प्रत्येक वर्ष निर्णायकों में नए चहरे देखे जा सके, इस बार के लिए अविनाश जी,सुमन जी, जाकिर जी, रश्मि जी आदि सबसे उपयुक्त नाम है और भी कई नाम शामिल किये जा सकते है .....संभव है जिन्होंने सर्वाधिक सुझाव और आलोचनाएँ प्रस्तुत की है उन्हें भी निर्णायक मंडल में शामिल किये जाएँ, जिन्होंने पारदर्शिता की बात की है उन्हें मुख्य निर्णायक बनाया जाए ....तभी एक संतुलित टीम बनेगी, शुभकामनाएं !

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  11. हमारी शुभकामनाएँ परिकल्पना के साथ हैं... बधाई !

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  12. आपके इस प्रयास की सफलता के लिये शुभकामनाएं ।

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  13. उत्सव के लिए बधाई और शुभकामनायें

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  14. हार्दिक शुभकामनाएं,उत्सव के लिए बधाई।

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  15. हार्दिक स्वागत है ..ढेरों शुभकामनायें.

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  16. ब्लागोत्सव 2011 के लिए शुभकामनाएँ। रचनाएँ भेजने की अन्तिम तिथि 30 जून की जाना उचित होगा। दूसरे चिट्ठाकारों की रचनाओं के सुझाव प्राप्त कर उन्हें भी ब्लागोत्सव में शामिल किया जा सकता है, इससे ज्यादा से ज़्यादा भागीदारी हो सकेगी।

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  17. परिकल्पना उत्सव फिर से आरम्भ होने पर ढेरों शुभकामनाये.
    @ जिन्हें इस वर्ष सम्मान मिल गया है उन्हें दुबारा दिया जायेगा?
    ..
    मेरे ख़याल से सम्मानित रचना को किया जाता है ना कि रचनाकार को. अगर किसी रचना कार को पहले पुरस्कृत किया जा चुका है तो इस वजह से उसकी दूसरी प्रभावशाली और गुणवत्ता वाली रचना को नजर अंदाज करना सही कदम नहीं होगा . किसी रचना को सिर्फ इस आधार पर चुन लिया जाए की उसका रचनाकार पहले सम्मानित नहीं हुआ .पुरस्कार देने का पैमाना रचना की गुणवत्ता होना चाहिए ना कि उसके लेखक का नाम और उसके द्वारा भूत में प्राप्त सम्मान
    ..

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  18. स्वागत है परिकल्पना महोत्सव २०११ का... शुभकामनाएँ

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  19. आशीष जी,
    मैं भी आपकी बातों से सहमत हूँ कि सम्मानित रचना को किया जाता है ना कि रचनाकार को. अगर किसी रचना कार को पहले पुरस्कृत किया जा चुका है तो इस वजह से उसकी दूसरी प्रभावशाली और गुणवत्ता वाली रचना को नजर अंदाज करना सही कदम नहीं होगा . किसी रचना को सिर्फ इस आधार पर चुन लिया जाए की उसका रचनाकार पहले सम्मानित नहीं हुआ .पुरस्कार देने का पैमाना रचना की गुणवत्ता होना चाहिए ना कि उसके लेखक का नाम और उसके द्वारा भूत में प्राप्त सम्मान....देखिये निर्णायकों का चयन किया जा रहा है जैसी सहमति बनेगी, वैसा किया जाएगा !

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  20. प्रमोद जी,
    ब्लॉगोत्सव १५ जून से शुरू किया जाना है, ऐसे में अंतिम तिथि ३० जून कैसे किया जा सकता है ? फिलहाल तो इसी तिथि को अंतिम माना जाए, आगे जैसी पंचों की यानी निर्णायकों की राय होगी !

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  21. pichhle baar bhi bheja tha...iss baaar bhi jarur chahenge ki ham bhi sirkat karen...:)
    dhanyawad! aur shubhkamnayen...!!

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  22. इस उत्सव में ज्यादा से ज्यादा नए और उत्साही ब्लॉगरों की भागीदारी सुनिश्चित की जायेगी, इसलिए नए ब्लॉगर बिना किसी झिझक के इस उत्सव में शामिल हों, ताकि हिंदी ब्लॉगिंग को एक नया आयाम दिया जा सके !

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  23. वाह.? फिर से मैदाने -ए-जंग में उतर रहे हैं? यानी ''अभियक्ति के खतरे उठाने ही होंगे''. शुभकामनाए...

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  24. आपने हौसला बढ़ा दिया तो क्या करूँ गिरीश भाई, उतरना पडा मैदान-ए-जंग में !

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  25. बहुत-बहुत स्वागत है परिकल्पना महोत्सव 2011 का.

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  26. रवीन्द्र जी और उनकी टीम को ३० अप्रेल २०११ के सफल आयोजन के लिए बधाई और आयोजन की इस नई कड़ी के के अशेष शुमकामनायें।

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  27. भाई रविन्द्र जी,
    ’ब्लागोत्सव-2011’ के शुभारम्भ के लिए अग्रिम बधाई.किसी भी शुभ कार्य में बाधाएं तो आती ही हॆं.जो लोग कुछ नहीं कर पाते-वो कुछ करने वालों के काम में दोष ढूंढना शुरु कर देते हॆं.क्या करें? वो बेचारे अपनी आदत से मजबूर हॆं.उनकी मजबूरी समझने का प्रयास कीजिए ऒर नये उत्साह से’ब्लागोत्सव-2011’की तॆयारी में जुट जाईये.इस बार मॆदान में उतरने का मेरा भी इरादा हॆ.कृपया यह बतायें कि ’कविता’व ’हास्य-व्यंग्य’गुरुप के लिए कम से कम दो-दो रचनायें अपनी फोटो व परिचय के साथ, क्या अलग-अलग मेल से भेजनी होगीं या एक ई-मेल से ही काम चल जायेगा?

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  28. ये हुआ ना रवीन्द्र भाई!
    सही फैसला, सही इरादा!

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  29. इस पोस्ट से यह स्पष्ट नहीं हो रहा है कि
    १. रचनाए ब्लॉग पर प्रकाशित होनी चाहिए, या अप्रकाशित।
    २. यदि प्रकाशित होनी चाहिए तो कब से कब तक के बीच की।
    ३. एक चिट्ठाकार कितनी श्रेणियों में भाग ले सकता है।

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  30. बढिया है॥ एक और उत्सव की तैयारी...कुछ छींटे और कुछ बौछारें के साथ :)

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  31. हार्दिक शुभकामनायें रविन्द्र प्रभात जी !

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  32. हार्दिक शुभकामना और स्वागत तो है ही | मेरे लायक कोई सेवा हो तो जरूर बताएं |

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  33. इस वर्ष इसके और भी ज्यादा बेहतर, और ज्यादा शानदार तथा और ज्यादा सफल होने की शुभकामनाएँ.

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  34. विनोद परासर जी और मनोज जी,
    एक रचनाकार एक साथ कई वर्गों में शामिल हो सकता है और उसके लिए दो ई-मेल का प्रयोग नहीं करना है, आप हर वर्ग के लिए दो-दो रचनाएँ प्रेषित कर सकते हैं !

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  35. रवि रतलामी जी,

    आपकी शुभकामनाएं और स्नेह मेरे लिए विशेष है, आपका आभार !

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  36. हार्दिक शुभकामना और स्वागत तो है ही | मेरे लायक कोई सेवा हो तो जरूर बताएं |

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  37. अनूठा है यह उत्सव,इस बार मैं भी शामिल होऊंगी !

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  38. परिकल्पना ब्लागोत्सव और परिकल्पना सम्मान के लिए अनेक शुभकामनाएँ।
    दोनों ब्लागरों के अपने बनें। अपने पैरों पर खड़े हों, बिना बैसाखियों के।

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  39. इस पोस्ट पर लेट आ पाया, इसलिए माफ़ी चाहता हूं...

    ब्लॉगिंग के नवांकुरों को ये समारोह कुछ सार्थक करने की प्रेरणा दें, इसी कामना के साथ...

    मेरी राय है, इसे अन्यथा मत लीजिएगा...ब्लॉगिंग से जुड़े कार्यक्रम को विशुद्ध तौर पर ब्लॉगरों के लिए रखा जाए तो
    बेहतर होगा...मैं ये भी मानता हूं इतने बड़े कार्यक्रम के लिए पैसे और श्रम के साथ लगन और उत्साह की भी बहुत
    आवश्यकता होती है...जहां तक पैसे की बात है तो ब्लॉगर इतने स्वावलंबी है कि अपने आयोजन का खर्च खुद उठाने में जो जिस से बन पाएगा, ज़रूर योगदान देंगे...प्रायोजक की आवश्यकता भी है तो उसे प्रोग्राम में सिर्फ प्रचार, बैनर
    के ज़रिए ही माइलेज दिया जाए, न कि पूरा प्रोग्राम ही प्रायोजक पर केद्रित हो जाए...

    बाकी आवेश में मेरी किसी प्रतिक्रिया से आपका दिल दुखा हो, तो मैं खेद व्यक्त करता हूं...

    एक बात और मैं अब सम्मान के मामले में फिर दृढ़ता से बैक टू स्क्वायर अपने मूल निर्णय की ओर पहुंच चुका हूं...इसलिए मेरे लिए इस बार कोई रचना भेजना मुमकिन नहीं होगा...आपने स्पष्ट कर दिया है कि रचना भेजने वालों को ही सम्मान दिया जाएगा...इसके बावजूद भी करबद्ध प्रार्थना है कि किसी भी श्रेणी में सम्मान के लिए मेरे नाम पर विचार न किया जाए...

    हां कार्यक्रम में सहयोग के लिए मुझे आप कोई भी भूमिका के लिए समर्थ समझेंगे तो वो मैं पूरे मनोयोग से निभाऊंगा...

    पुनश्च शुभकामनाएं...

    जय हिंद...

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  40. aagaj achchha hai to anjaam bhi achchha hoga...

    bahut bahut shubhkamnayen..

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  41. रविन्द्र प्रभात जी,
    सुप्रभात।
    मैं हिन्दी के उत्थान,विकास हेतु आपके इस प्रयास की न केवल सराहना करता हूँ अपितु सभी हिन्दी प्रमियों की ओर से कोटि-कोटि हार्दिक शुभकामनाएं भी देता हूँ। साथ ही एक संशय भी कि मेरी रचनाएं विशेष रूप से शासन के उत्तरदायित्व से विमुख होने पर खरी-खोटी सुनाने को होती है कहीं ऐसी रचनाओं को सरकार विरोधी मानकर बाहर तो नही किया जायेगा?

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आपका स्नेह और प्रस्तुतियों पर आपकी समालोचनात्मक टिप्पणियाँ हमें बेहतर कार्य करने की प्रेरणा प्रदान करती हैं.

 
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