दो- तिहाई विश्व की ललकार है हिंदी मेरी -
माँ की लोरी व पिता का प्यार है हिंदी मेरी ।

बाँधने को बाँध लेते लोग दरिया अन्य से -
पर भंवर का वेग वो विस्तार है हिंदी मेरी ।

सुर -तुलसी और मीरा के सगुन में रची हुई -
भारतेंदु-कबीर की फुंकार है हिंदी मेरी ।

फ्रेंच , इन्ग्लीश और जर्मन है भले परवान पर -
आमजन की नाव है, पतवार है हिंदी मेरी ।

चांद भी है , चांदनी भी , गोधुली- प्रभात भी -
हरतरफ बहती हुई जलधार है हिंदी मेरी ।

() रवीन्द्र प्रभात

14 comments:

  1. हिन्‍दी दिवस की शुभकामनाओं के साथ ...
    इसकी प्रगति पथ के लिये रचनाओं का जन्‍म होता रहे ...

    आभार ।

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  2. हम सब हिन्‍दी भाषी हैं, इसलिए हमारे लिए प्रत्‍येक दिवस हिन्‍दी दिवस है। फिर भी, आज का दिन हिन्‍दी के उत्‍तरोत्‍तर प्रचार प्रसार का प्रण करने का दिन है। आज के दिन हमें यह प्रण लेना चाहिए कि हम नये लोगों को हिन्‍दी ब्‍लॉगिंग से जोड़ें, उन्‍हें ब्‍लॉग बनाना और हिन्‍दी में पोस्‍ट करना सिखाएं।

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  3. आपकी पोस्ट आज के चर्चा मंच पर प्रस्तुत की गई है कृपया पधारें
    चर्चामंच-638, चर्चाकार-दिलबाग विर्क

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  4. हिन्‍दी दिवस की शुभकामनाओं के साथ ...

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  5. हरतरफ बहती हुई जलधार है हिंदी मेरी ।

    यही सच है सर जी !

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  6. हिंदी दिवस की ढेरों शुभकामनाएं !

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  7. स्कैन की गयी कॉपी पढना नहीं हो पा रहा - क्या आप ओरिगिनल लेख का लिंक दे सकेंगे ?

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  8. मैं नहीं समझ पा रहा हूँ कि आप किस आलेख की बात कर रही हैं क्योंकि इस पोस्ट में स्केन कॉपी तो है नहीं ?

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  9. aapke shbdon me ghul kar ek chamatkar hai meri hindi
    bahut sunder
    rachana

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  10. आज विदेशी-भाषा का सत्कार है-मेरी हिंदी ,
    अपनों की ही दुत्कार है -मेरी हिंदी,
    फिर भी बहरे कानों के लिए हुँकार है-मेरी हिंदी !

    सराहनीय प्रयास है !

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  11. कल 14/09/2012 को आपकी यह बेहतरीन पोस्ट http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
    धन्यवाद!

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  12. चांद भी है , चांदनी भी , गोधुली- प्रभात भी -
    हरतरफ बहती हुई जलधार है हिंदी मेरी ।
    बेहद खुबसूरत रचना !
    हिंदी दिवस की अनंत शुभकामनाएँ ...

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  13. चांद भी है , चांदनी भी , गोधुली- प्रभात भी -
    हरतरफ बहती हुई जलधार है हिंदी मेरी ।
    बेहद खुबसूरत रचना !
    हिंदी दिवस की अनंत शुभकामनाएँ ...

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