यदि इस फ़ॉर्म को देखने या सबमिट करने में आपको समस्या हो रही है, तो आप इसे ऑनलाइन भी भर सकते हैं:https://spreadsheets.google.com/spreadsheet/viewform?formkey=dDNQY2FwTEZiN21VNG5yVHZqTFJnOHc6MQ

17 comments:

  1. रविन्द्र जी साहित्य जो कि किसी भाषा का अभिन्न अंग है..कविता कहानिया जो समाज को दिशा देती हैं.. उनका टैब बनाना भूल गए !

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  2. हिंदी प्रचार और प्रसार में साहित्य समाहित है अरुण जी, फिर भी आपको हिंदी प्रचार-प्रसार में डालने की इच्छा नहीं तो अन्य में साहित्य अंकित कर सबमिट कर सकते हैं !

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  3. हमने भी अलग से ही लिखा है क्योकि समझ नही आ रहा था अगर आप कहें तो दोबारा भी भेज सकती हूँ यदि वो सही नही हो तो……………कृपया बताने का कष्ट करें।

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  4. नहीं एक ब्लॉग के लिए केवल एक बार ही फॉर्म भरे ताकि पुनरावृति न हो !

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  5. रवीन्द्र जी ! आपकी यह रचनात्मक पहल स्वागत योग्य है. बधाई और आभार. शारदीय नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं .

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  6. रवीन्द्र जी ! आपकी यह रचनात्मक पहल स्वागत योग्य है. बधाई और आभार. शारदीय नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं .

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  7. hindi blog ke jariye bhai rvindra prabhat poore manoyog se hindi seve me lage he unhe sadhuvad mahendra bhishma lucknow

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  8. समयाभाव के कारण सक्रियता कम है , फिर भी सबमिट कर दिया है । आपका प्रयास सराहनीय है।

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  9. मैंने भी नोटिस किया कविता का टैब नहीं है ...

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  10. sakriya to hain lekin kabhi-kabhar hi samay mil paata hai.. phir bhi jaisa aapko uchit lage..
    aapka yah prayas sarhaniya hai..
    Anuthi pahal aur NAVRATRI kee Haardik shubhkamnayne.

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  11. mere vichar me kai log 'tippani' ke
    hetu bhi blog bana lete hain.......

    ek to main hi hoon...

    pranam.

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  12. रवीन्द्र जी ! आपकी यह रचनात्मक पहल स्वागत योग्य है.
    यद्यपि मै समय का अभाव होने के कारण उतना सक्रिय नहीं हू फिर भी कभी कभी लिख ही लेता हूँ . आपको मेरी हार्दिक शुभ कामनाएं !!!!!!!!!!

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  13. अच्छी पहल। ब्लॉग पोस्ट में सभी विकल्प नहीं दिखते, साथ ही सबमिट बटन भी नहीं दिखता। गूगल स्प्रैडशीट पर जाकर दिखते हैं।

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  14. ravinder ji namaskar aajakal sehat ki vajah se net se door rahati hoon jaldi fir se active hone ki koshish karati hoon aapaki bheji pustak mila gayee hai dhanyavad. is sarvekshan me mujhe bhi shamil kar len aashaa hai jaldi thheek ho jaoongi .dhanyavad.

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