जहां तक मेरी जानकारी मे है कि हिंदी ब्लोगिंग की शुरुआत 02 मार्च 2003 को हुई थी और हिंदी का पहला अधिकृत ब्लॉग होने का सौभाग्य प्राप्त है नौ दो ग्यारह को । इसप्रकार फरवरी 2013 मे दशक पूरा हो रहा है । यानि अगले वर्ष हम नए दशक मे प्रवेश कर रहे हैं और इस हिसाब से यह वर्ष दशक का आखिरी वर्ष है । यह तो प्रामाणिक तौर पर कहा जा सकता है, किन्तु ये सभी जानते हैं कि उसके पहले भी अंतर्जाल पर किसी न किसी रूप मे हिन्दी को नया आयाम देने की दिशा मे कार्य किए गए । 

यहाँ तक कि वर्ष-2000 मे हिन्दी की पहली वेब पत्रिका अभिव्यक्ति का प्रकाशन शुरू हो गया था और इस हिसाब से यह वर्ष अंतर्जाल पर हिन्दी की हलचलों के लिहाज से तेरहवाँ वर्ष है । पहले वाली प्रामाणिकता को ही यदि लेकर चला जाये तो इस दशक के समापन मे केवल आठ-नौ माह शेष है ।
 
पिछले पोस्ट में कुछ ऐसी टिप्पणियाँ पढ़ने को मिली, जिसमें एक चर्चित महिला ब्लॉगर के द्वारा कहा गया कि “दशक पूरा होने में अभी 3 साल होंगे कम-से कम ।“ उनकी यह गणना ब्लॉग पर उनके स्वयं के अवतरण वर्ष से है या फिर कुछ और, मैं नहीं जानता । एक ब्लॉगर ने तो वोट के लोकतान्त्रिक व्यवस्था पर ही आपत्ति दर्ज कर दी, जबकि पूरी दुनिया चुनाव की लोकतान्त्रिक व्यवस्था को श्रेष्ठ व्यवस्था की संज्ञा देती है । किसी ने कहा कि लिस्ट छोटी कर दी आपने । उनके लिए मेरी कैफियत यह है कि मैंने अदर का विकल्प इसलिए दिया है ताकि आप यदि इन ब्लॉगरों के नाम से असहमत हैं तो  अपनी पसंद के ब्लोगर का नाम अंकित कर दें । जो चुनाव की लोकतान्त्रिक व्यवस्था पर अपनी असहमति व्यक्त कर रहे हैं, वे शायद भूल रहे हैं कि ब्लॉग भी अभिव्यक्ति की लोकतान्त्रिक व्यवस्था का ही एक हिस्सा है । 

खैर छोड़िए, आइये विगत 48 घंटों में प्राप्त रुझान पर नज़र डालते हैं : 
 क्र. सं. 
दशक का हिन्दी चिट्ठाकार
 क्र. सं. 
दशक का हिन्दी चिट्ठा
1
समीर लाल समीर 
1
उड़न तश्तरी    
2
रवि रतलामी 
2
ब्लॉगस  इन  मीडिया  
3
 रंजना रंजू भाटिया  
3
फ़ुरसतिया 
4
अनूप शुक्ल 
4
भड़ास    
5
पूर्णिमा वर्मन 
5
साइंस  ब्लोगर असोसिएशन     
6
 दिनेश राय द्विवेदी  
6
अज़दक 
7
बी एस पावला
7
छींटें  और बौछारें     
8
सतीश सक्सेना
8
तीसरा  खंबा    
 9
कविता  वाचक्नवी 
 9
साई  ब्लॉग  
10
शास्त्री जे सी फिलिप
10
नारी 
दृष्टव्य : अड़तालीस घंटे की प्राप्त रुझान मे जहां विगत चौबीस घंटे की तुलना में समीर लाल समीर और उनका ब्लॉग उड़न तश्तरी प्रथम स्थान पर विराजमान है, वहीं मतदाताओं ने लिस्ट में शामिल कई नामों क्रमश: जितेंद्र चौधरी, आशीष श्रीवास्तव और सुनील दीपक को शीर्ष दस के वरीयता क्रम से बाहर करते हुये नए नाम क्रमश: दिनेश राय द्विवेदी, बी॰एस॰पावला और शास्त्री जे सी फिलिप  पर अपनी सहमति व्यक्त की है। इसी प्रकार मतदाताओं ने लिस्ट में शामिल कई चिट्ठों क्रमश: मेरा पन्ना,जो न कह सके ब्लॉग को शीर्ष दस के वरीयता क्रम से बाहर करते हुये नए नाम क्रमश: अजदक और तीसरा खंबा पर अपनी सहमति व्यक्त की है। 

अब देखना है कि अगले चौबीस घंटे मे उलटफेर की क्या स्थिति बनती है ?


तो देर न करें वोटिंग लाइन अभी चालू है, इस लिंक पर जाकर अपने प्रिय ब्लॉगर को अवश्य वोट दें । याद रखें आपका वोट हमारे लिए महत्वपूर्ण है।



30 comments:

  1. हमने तो पहले ही वोट कर दिया है !!
    सराहनीय कार्य !

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  2. आपके इस प्रयास के लिए शुभकामनाएं ।

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  3. आपका कार्य निसंदेह प्रशंसनीय है । कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना....वैसे मैंने तो 48 घंटे पूर्व ही कर दिया है वोट । शुभकामनायें आपको ।

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  4. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

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  5. मैं रवींद्र जी का सम्मान करता हूं और मेरी आदत बेवजह की बहस में पड़ने की भी नहीं है। लेकिन मैं जो समझता हूं, उसे व्यक्त जरूर करता हूं। अच्छा होता कि आप सबके नाम लेकर टिप्पणी करते, लेकिन मैं नहीं जानता कि भाषा की कमजोरी की वजह से आपने ऐसा किया या दूसरों को छोटा दिखाने के लिए जानबूझ कर किया।
    चर्चित महिला का मतलब मुझे आप समझा दीजिएगा... जहां तक मेरी समझ और जानकारी है ये एक निगेटिव शब्द है, और कम से कम किसी महिला के नाम के आगे लगाने के पहले सोचना चाहिए।
    खैर मुझे आपने चुनाव में लोकतात्रिक व्यवस्था से अज्ञानी होना बताया है। मैं आपको विनम्रता से चुनाव और लोकतंत्र की बात समझा दूं। पहले तो चुनाव में नामांकन उम्मीदवार को खुद करना होता है, ये किसी के पिता जी नहीं करते। अच्छा होता कि यहां भी आपने लोगों से नामांकन आमंत्रित किया होता। आपने कुछ के नाम शामिल करके और एक अन्य कालम बना दिया कि कोई भी यहां आ जाए। पहला दोष तो ये है। अब सभी ब्लागर नामांकित हो गए। शायद आप जानते होंगे कि आप को उतने वोट हासिल नहीं हो सकते तो आपने यहीं ऐलान कर दिया कि मुझे वोट ना दें। बहुत सारे लोग हो सकते है, जो आपके इस चुनावी व्यवस्था को ठीक नहीं समझ रहे हों, पर उनके नाम के आगे आप दो तीन वोट लिखकर माखौल उड़ा रहे हैं।
    दूसरी बात चुनाव में बोगस वोट को रोकने का आपके पास कोई व्यवस्था नहीं है। लोग एक बोगस मेल आईडी और बोगस ब्लाग बनाए और वोट करते रहे।
    जिस तरह से आपका सिस्टम है, अगर कोई खाली आदमी है तो उस ब्लाग को विजेता बना सकता है, जो ब्लाग आज खुला हो और उस पर कोई पोस्ट भी ना हो।
    बहरहाल मैने तो सिर्फ अपनी बात रखी थी, आपको इतनी तकलीफ होगी, मैने सोचा नहीं था। वरना हम रोजमर्रा के जीवन में तमाम चीजों की अनदेखी करते हैं, इसे भी कर देते।

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  6. महेंद्र जी,
    मैं आभारी हूँ जो आप मुझे सम्मान की नज़रों से देखते हैं . चर्चित महिला नहीं "चर्चित महिला ब्लोगर" कहा गया है पोस्ट में . आप बहुत बाद में आएं हैं इस ब्लॉग जगत में इसलिए शायद आपको यह नहीं पता कि यह संवोधन अदा जी के लिए है . उन्हें विगत वर्ष "वर्ष की महिला ब्लोगर" का सम्मान प्राप्त हुआ था और वे लगातार चर्चा मे रही थी। क्या चर्चित कहना गलत है ? कोई जरूरी नहीं कि किसी का नाम लेकर ही अपनी बात कही जाए .

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  7. कोई टीका-टिप्पणी करके आनंद उठाता है तो कोई किसी विषय पर चलती बहस में अपने तर्कों से झंडे गाड़ देता है... तो कभी बहुत संवेदनात्मक सामाजिक मुद्दों पर गरमा-गरमी भी हो जाती है ....सबका आनंद अलग-अलग है और यही ब्लॉग जगत की विशेषता भी है । टी वी चैनल वाले एस एम एस के माध्यम से वोट मांगते है ....कोई हमें बताएगा की उसकी विश्वसनीयता क्या है ?

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  8. जी तो ऐसे कहिए ना कि आप मनोरंजक चैनलों से प्रभावित हैं और चैनल आपका रोड माडल है। टीवी चैनल मे रहते हुए मैं इस वोटिंग सिस्टम का विरोधी हूं।
    आपको पता होगा कि जितने भी रियलिटि शो है, सभी में लोग प्रीपेड फोन से फर्जी वोटिंग करते हैं। लेकिन वहां एक से ज्यादा वोट करने की मनाही नहीं होती है। वहां वोटिंग की लाइन खुलते ही आपको अपने प्रिय कलाकार के लिए वोटिंग करनी होती है और ताकतवर ( ताकत यानि पैसा) जीत जाता है।

    भाई रवींद्र जी हम जो एसएमएस मंगाते हैं वो एक व्यावसायिक उद्देश्य है। पता नहीं आपको पता है या नहीं वैसे प्रति एसएमस 30 या 40 पैसे की होती है, पर प्रतियोगिता में शामिल होने वाले एसएमएस की कीमत छह रुपये होती है। जिसमें चैनल और टेलीफोन कंपनी आधी आधी रकम बांटते हैं।

    अगर आप इसी व्यवस्था से प्रभावित होकर ऐसा चुनाव करा रहे हैं तब तो कोई बात नहीं यहां भी पैसे वाले अधिक संसाधनों वाले जीत जाएं।

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  9. महेंद्र जी, हमारे सामने जो तकनीकी है हम उसी मे बेहतर करने की कोशिश कर सकते हैं । या फिर नयी तकनीकी के आने का इंतज़ार करें। व्यवस्था मे सुधार धीरे-धीरे होता है एकबारगी नहीं। मैं चाहता तो विभिन्न वर्गों से जैसे 41 चिट्ठाकारों का चयन मैंने निर्णायक मण्डल बनाकर किया इसका भी कर देता ।मैं एस एम एस जैसी व्यवस्था से प्रभावित होकर चुनाव नहीं करा रहा,बल्कि वोटिंग कराने का अभिप्राय यह है कि वास्तविक वस्तुस्थिति से अवगत हुआ जा सके ।

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  10. वैसे मैं जानता हूं कि हम बेवजह की बहस कर रहे हैं...मेरी तकलीफ तो सिर्फ ये थी कि आपने मेरे बारे में टिप्पणी की कि.........

    एक ब्लॉगर ने तो वोट के लोकतान्त्रिक व्यवस्था पर ही आपत्ति दर्ज कर दी, जबकि पूरी दुनिया चुनाव की लोकतान्त्रिक व्यवस्था को श्रेष्ठ व्यवस्था की संज्ञा देती है । .......

    इसलिए मैने आपको बताने की कोशिश की, लोकतंत्र में चुनाव में उम्मीदवार को खुद नामांकन करना होता है, अब ये क्या बात है कि आपने कुछ लोगों के साथ मिलकर नाम तय कर दिए और जब नाम तय किए गए तो अन्य का कालम क्यों। मसला साफ है कि आपने जिस टीम के साथ ये नाम तय किए उस पर आपको भी भरोसा नहीं था। .. अगर अन्य का कालम है तो फिर नाम क्यों ?

    सब लोग अपने पसंदीदा का नाम लिख कर वोट कर देते।

    अब आप सीमित संसाधनों की बात कर रहे हैं। जबकि पहले आप मेरे लोकतांत्रिक चुनाव व्यवस्था के ज्ञान पर उंगली उठा रहे थे।


    खैर मैं अपनी बातों को बस यहीं पर विराम देता हूं। मेरा आशय किसी के विरोध या समर्थन करना नहीं है।

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  11. आखिरकार आपने अपनी नाराजगी का सबब बता ही दिया, खैर देर से ही सही जानकारी तो हुयी कि आप मुझसे नाराज़ क्यों हैं ? मुझे खुशी है कि आपके सुझाव से भविष्य मे मेरा मार्गदर्शन होगा ।

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  12. मानना पडेगा आप दोनों की प्रतिभा को ....बिना किसी लाग-लपेट के आप दोनों ने जो संवाद कायम किये हैं और अंतत: "न तुम जीते न हम हारे" वाली स्थिति देखकर अच्छा लगा !

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  13. स्वस्थ संवाद से ही हिंदी ब्लॉग जगत समृद्ध होगा, आप दोनों के संवाद की विनम्रता अच्छी है !

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  14. ATULNIY KAARYA KE LIYE DHERON HEE
    BADHAAEEYAN AUR SHUBH KAMNAAYEN .

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  15. इस प्रयास के लिए शुभकामनाएं..

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  16. काहे की बच्‍चागि‍री
    जी
    लि‍खाड़ी तो सुघड़ हैं

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  17. प्रिय रवीन्द्र, आलोचनाओं से न घबरायें!

    हिन्दी चिट्ठाजगत में जब भी किसी व्यक्ति का आदर किया जाता है तो आपत्तियों की बाढ आ जाती है. हर व्यक्ति की आपत्ति सही लगती है. लेकिन सारी आपत्तियों का समाधान करने को कोशिश करो तो इस प्रकार का कोई भी कार्य आगे नहीं बढ सकेगा.

    सस्नेह -- शास्त्री

    हिन्दी ही हिन्दुस्तान को एक सूत्र में पिरो सकती है
    http://www.Sarathi.info

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  18. चर्चित महिला ब्लॉगर wrong expression

    चर्चित ब्लॉगर - महिला correct expression

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  19. आलोचनाओं और चर्चाओं पर ध्यान दिए बिना अपना कर्म जारी रखें।
    ब्राहमण हो तो दलित ब्लागों को छोड़ दोगे क्या ?

    न्यूनतम एक दलित ब्लाग अवश्य सम्मिलित करें।
    इसके लिए मैं
    विनोद होसलेवाला
    का नाम एवम उनके ब्लाग का नाम सुझाता हूं।
    उनका ब्लाग नवभारत टाइम्स के अपना ब्लाग पर है।
    Blogger पर भी है और मेरे ब्लाग के अनुसरणकर्ता भी हैं।
    बेधड़क ब्लागर हैं।

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  20. @रचना मैम,
    आप हिंदी सिखाने वाली अपनी पाठशाला का पता मुझे मेल कर दें मैं निश्चित रूप से आपके सान्निध्य में हिंदी पढ़ना चाहूंगा .
    आप सिखाएंगी न मुझको ?

    @सत्य गौतम जी,
    आपका सुझाव उत्तम है, आपका आभार !

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  21. रवीन्द्र प्रभात जी,

    एक बात तो विचारणीय है ही कि "दशक के चिठ्ठाकार" को चुनने के लिए मुख्य आधार अधिक कालावधि है तो उन्हें स्थापना क्रम में चुन लेना चाहिए, जनमत का क्या औचित्य? यदि स्थापना तिथि क्रम से भी पांच से अधिक आते है तो समर्थक संख्या के आधार से प्राथमिकता दी जा सकती है इसके उपरांत भी निर्णय समस्या आए तो पोस्ट संख्या, अनवरत स्थिति को भी आधार बनाया जा सकता है।
    कोई विवाद ही पैदा न होता!!
    लेकिन यह मत कहिए कि पिछले एक दो साल में ही आए ब्लॉगर का इस दशक में कोई अवदान नहीं है। बात दशक की है तो वे भी इसी दशक के ब्लॉगर है।

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  22. सुज्ञ जी,
    स्थापना चाहे जो भी रही हो, यह बहस का मुद्दा नहीं है और न इसपर कोई विवाद ही है .......विवाद कुछ गिने-चुने लोगों के द्वारा प्रायोजित ढंग से पैदा किया जा रहा है, जिसका न तो मेरे ऊपर कभी असर रहा है और न कभी रहेगा ....यह पहली बार नहीं हुआ है,विवादों में जीना मैंने सिख लिया है, अब कोई फर्क नहीं पड़ता . मैं जब भी संकल्प लेता हूँ कुछ करने का तो उसे मुकाम तक ले जाने का साहस भी रखता हूँ . ये पूरा ब्लॉग जगत जानता है.

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  23. रवीन्द्र प्रभात जी,

    तब तो सब कुशल मंगल है।

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  24. maene kewal expression ki baat ki haen
    bhasha koi bhi ho hindi english yaa aur bhi koi expression sae matlab me farak aataa haen

    yae pehli baar nahin haen ki maenae koi truti bataaii haen

    do ek baar pehlae bhi hua haen par tab maene hamesha kament not for publication bhi likhaa thaa

    is baar nahin likhaa bas farak itna haen

    hindi kae bloggers ki class to mae shuru sae lae rahee hun
    aap ki baat kaa dusra expression yae bhi haen :)

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  25. अस्वस्थ रहने के कारण बहुत दिनो बाद काम शुरू किया हैओ अभी इस पूरी प्रक्रिया को समझ कर वोट देती हूँ। क्या इसकी जानकारी के लिये पिछला कोई लिन्क बता सकते हैं?

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  26. आदरणीया निर्मला जी,
    इसी पोस्ट में निचे लिंक भी निहित है . कोई वन्दिश नहीं है कि आप किसको वोट करेंगी . आपका अंतर्मन जिसे भी वोट करने को कहे उसको कर दें . वोट करना बहुत आसान है . प्रपत्र मे दो प्रश्न है एक है दशक का ब्लॉगर ? और दूसरा है दशक का ब्लॉग? उसके नीचे विकल्प दिये गए हैं, हर नाम के पहले एक गोला है जिसमे आपको किलिक करना है ....यदि उस विकल्प से आप सहमत नहीं हैं तो अदर मे अपनी पसंद के किसी और ब्लॉग अथवा ब्लॉगर का नाम अंकित करते हुये सबसे नीचे सबमिट का बटन बना है उसपर किलिक कर दें ....हो गया आपका वोट पूर्ण ।

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  27. इस लिंक पर जाकर अपने प्रिय ब्लॉगर को अवश्य वोट दें । याद रखें आपका वोट हमारे लिए महत्वपूर्ण है। http://www.parikalpnaa.com/2012/05/blog-post_354.html

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  28. रवीन्द्र प्रभात जी,

    कल से रुझानो का इन्तजार कर रहे है। कल के रूझान भी देखने को न मिले।
    कृपया २५ २५ की सूची दें व साथ ही पहले की भांति वोट संख्या का भी उल्लेख करें। पारदर्शिता तो है ही। साथ साथ पता चले कौन किस स्थिति में अन्दर बाहर है।

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आपका स्नेह और प्रस्तुतियों पर आपकी समालोचनात्मक टिप्पणियाँ हमें बेहतर कार्य करने की प्रेरणा प्रदान करती हैं.

 
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