किसी ने ठीक ही कहा है, कि साहित्य विभिन्न विधाओं से जनकल्याण के साथ ही जग कल्याण करता है । नानारूप है माँ सरस्वती के साधना मंत्रों के ।

कथा-कहानी, उपन्यास और कविता, निबंध से लेकर दर्शन तक सरस्वती के इन नाना रूपों को जग कल्याण के लिए सहज-सरल करने का बीड़ा उठाया है एक उत्साही प्रकाशक ने ।

नाम है शैलेश भारतवासी, जिन्होने कुछ प्राणवान पुस्तकों की पुष्पांजलि तैयार कर माँ सरस्वती की उसी अग्निवीणा को समर्पित करने का प्रयास किया है जिस अग्निवीणा को कवि नज़रूल, निराला, पंत, दिनकर, अज्ञेय से लेकर मुक्तिबोध आदि तक आजीवन अग्नि अर्घ्य चढ़ाते रहे ।

यानि साहित्यिक पुस्तकों को घर-घर पहुंचाने की प्रतिबद्धता । 

हिंद युग्म और इंफीबीम खास तरीके से दीवाली मना रहे हैं। हिंद युग्म की पुस्तकों को 10 दिनों के लिए इंफीबीम ने 60 प्रतिशत तक की छूट पर बेचने का निर्णय लिया है। 

इंफीबीम हिंद युग्म के साथ मिलकर हिंदी साहित्य को घर-घर पहुँचाना चाहता है। अब आप इनके प्रकाशन की मनपसंद किताबें मात्र 40 प्रतिशत कीमत पर खरीद सकते हैं। 

यह ऑफर केवल अगले 10 दिनों के लिए है, इसलिए जल्दी करें । अवसर बार-बार नहीं आता । 

 जिन पुस्तकों पर यह विशेष छूट दी जा रही है। 

उसकी सूची यहाँ मौज़ूद है- http://www.infibeam.com/Books/book-offers-showcase.html

7 comments:

  1. बेहद सार्थक प्रयास ... बधाई सहित शुभकामनाएं

    उत्तर देंहटाएं
  2. prayas to sarthak hai, ab dekhen kaise log fayda uthate hain,... main to abhi order kar raha kuchh manpasand books:)

    उत्तर देंहटाएं
  3. आपका इस प्रविष्टी की चर्चा कल शनिवार (17-11-2012) के चर्चा मंच पर भी होगी!
    सूचनार्थ!

    उत्तर देंहटाएं
  4. 60 प्रति‍शत देना है, 40 प्रति‍शत छूट है. (जहां तक मैं समझ पा रहा हूं)

    उत्तर देंहटाएं
  5. काजल जी,

    कल 60 प्रतिशत था। इंफीबीम ऑफर को सीमित अवधि के लिए ही देता है।
    फिर भी हमारा प्रयास है कि अधिकतम छूट मिले।

    उत्तर देंहटाएं
  6. सौ की पुस्तक आजकल, चालिस में मिल जाय |
    इससे बढ़िया क्या सखे, तीन तीन ले आय ||

    उत्तर देंहटाएं

आपका स्नेह और प्रस्तुतियों पर आपकी समालोचनात्मक टिप्पणियाँ हमें बेहतर कार्य करने की प्रेरणा प्रदान करती हैं.

 
Top