....कल मैंने प्रथम अन्तराष्ट्रीय हिंदी ब्लॉग उत्सव की प्रस्तावना की....ऐसे-ऐसे टिप्पणीकारों की टिप्पणियाँ आने लगी जो ब्लोगोत्सव में शामिल ही नहीं हैं ...उसी क्रम में मैंने स्पष्ट किया कि यह प्रस्ताव केवल ब्लोगोत्सव-२०१० में शामिल प्रतिभागियों और शुभचिंतकों के लिए है ...इसी क्रम में मैंने कुछ सम्मान की भी बात की और लोग पूछने लगे कि चयन का आधार क्या है ?

भाई बेहतर होगा कि पहले पोस्ट पढो फिर टिपण्णी करो ......कोई जरूरी नहीं कि हर जबाब बोल कर दिया जाए !

7 comments:

  1. लगता है कि कुछ लोग इस भय से त्रस्त हो गये हैं कि कहीं उनके अलावा किसी और को सम्मान न मिल जाए।
    वैसे ये सब चलता रहता है। आप लगे रहिए।

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  2. पुरस्कार के लिए लोग क्या क्या कर डालते हैं, आपके ब्लॉग पे तो सिर्फ कमेंट किये जा रहे हैं। पर इससे घबराने की आवश्यकता नहीं।

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  3. ......कोई जरूरी नहीं कि हर जबाब बोल कर दिया जाए !bilkul sahee kahaa aapane

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  4. सही कहा आपने..... कई बार लोग उद्देश्य नहीं समझ पाते....

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  5. सब कुछ अभूतपू्र्व !
    शुभकामनाएं ।

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  6. bhaayi ji,

    kyaa karenge ....yahee dastoor hai ki har agalaa kadam pichhale kadam se khauf khaataa hai ....ye khauf khaa rahe hain aapase ! lage rahiye ....shubhkaamanaayen

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