गांधी जयंती पर विशेष :

आईये हम मुल्क में सोच यह विकसित करें
एक व्यक्ति एक को हर रोज हीं शिक्षित करे ।

नौजवां के हाथ में केवल नहीं हो डिग्रियां-
नई सुबह हो सामने आज यह निश्चित करें ।

मुल्क जितना तुलसी का उतना ही रसखान का-
गली-मुहल्लों में यही बस भावना सिंचित करें ।

सच में जीना चाहते गांधी के आदर्श को -
वेकशों का इसकदर मन- प्राण न कुंठित करें ।

() रवीन्द्र प्रभात

6 comments:

  1. आईये हम मुल्क में सोच यह विकसित करें
    एक व्यक्ति एक को हर रोज हीं शिक्षित करे ।
    नौजवां के हाथ में केवल नहीं हो डिग्रियां-
    नई सुबह हो सामने आज यह निश्चित करें
    .....Gandhi Jayanti ke suawsar par sundar saarthak prastuti..
    ..sabko Gandhi jayanti kee haardik shubhkaamnayne

    उत्तर देंहटाएं
  2. मुल्क जितना तुलसी का उतना ही रसखान का-
    गली-मुहल्लों में यही बस भावना सिंचित करें ।

    आईये हम मुल्क में सोच यह विकसित करें
    एक व्यक्ति एक को हर रोज हीं शिक्षित करे ।
    बहुत सुन्दर सन्देश है। आज इसी की जरूरत है। धन्यवाद।

    उत्तर देंहटाएं
  3. बहुत अच्छी प्रस्तुति। हार्दिक शुभकामनाएं!
    तुम मांसहीन, तुम रक्त हीन, हे अस्थिशेष! तुम अस्थिहीऩ,
    तुम शुद्ध बुद्ध आत्मा केवल, हे चिर पुरान हे चिर नवीन!
    तुम पूर्ण इकाई जीवन की, जिसमें असार भव-शून्य लीन,
    आधार अमर, होगी जिस पर, भावी संस्कृति समासीन।
    कोटि-कोटि नमन बापू, ‘मनोज’ पर मनोज कुमार की प्रस्तुति, पधारें

    उत्तर देंहटाएं
  4. आज इसी की जरूरत है। धन्यवाद।

    उत्तर देंहटाएं
  5. आज इसी सन्देश की जरूरत है, धन्यवाद।

    उत्तर देंहटाएं

आपका स्नेह और प्रस्तुतियों पर आपकी समालोचनात्मक टिप्पणियाँ हमें बेहतर कार्य करने की प्रेरणा प्रदान करती हैं.

 
Top