गजानन की यह मूर्ति 50 फीट चौड़ी और 14 फीट ऊंची है। यह प्रतिमा सैंट आर्टिस्‍ट रंजन गागुली ने बनायी है। (तस्‍वीर:यूएनआई)
❝ !! वक्रतुंड महाकाय सूर्यकोटिसमप्रभ !!!!निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा !! ❞
स्वर: पारुल , ब्लॉग: चाँद पोखराज का  

  

गंग गणेश शुभ आरम्भ
जिसके साथ सब सफल अखंड
दूब करे है छवि निराली
मोदक में मिठासें सारी

एक बार जो ले लो नाम
हो जाएँगे पूरे हर काम … (रश्मि प्रभा)


मैं रश्मि प्रभा, परिकल्पना की खूबसूरत कल्पनाओं की सारथि बन लेती हूँ नाम ईश का, उत्सव की निर्विघ्न सफलता का आगाज़ करती हूँ, हर साहित्यिक भाषाओं का, हर विधा का आह्वान करती हूँ



और श्रीमती मालविका निराजन के स्वर में गाए इस भजन के साथ-


 आज का परिकल्पित दीप प्रज्ज्वलित करती हूँ -


दीप प्रज्वलन, अतीत के झरोखों में: 

ब ब्लॉगोत्सव की उद्घोषणा की गयी थी तब शायद किसी ने यह उम्मीद नहीं की होगी कि यह उत्सव हिंदी ब्लॉगिंग के लिए मील का पत्थर साबित होगा ....मगर उत्सव से जुड़े सृजनधर्मियों ने  इस उत्सव को ऐतिहासिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी .... जिसकी चर्चा अभी करना प्रासंगिक नहीं होगा, मगर दो सृजनधर्मी  ऐसे हैं जिनकी चर्चा किये बिना आज की यह बात पूरी ही नहीं होगी . नाम है रवीन्द्र प्रभात और अविनाश वाचस्पति जिन्होंने इस उत्सव की रूपरेखा ही नाही बनाई, अपितु ऐसी पञ्च लाईन सुझाई कि वह आज एक-एक ब्लॉगर की जुबान पर अपना डेरा बना चुकी है अर्थात "अनेक ब्लॉग नेक हृदय"।

प्रथम ब्लॉगोत्सव की पूर्व संध्या पर विमेन्स प्रेस क्लब, दिल्ली में प्रेस को संबोधित करते वाएं से श्री नरेंद्र (डायमंड पब्लिकेशन), डॉ गिरिराज शरण अग्रवाल, अविनाश वाचस्पति, रवीन्द्र प्रभात और डॉ मीना अग्रवाल

यह उत्सव 15अप्रैल-2010 से 15 जून-2010 तक अर्थात दो महीने तक परिकल्पना की साइट पर निर्वाध रूप से चला और हिंदी ब्लॉगजगत में एक नए इतिहास के सृजन का साक्षी बना । ब्लॉग पर इस उत्सव को प्रायोजित किया बाराबंकी से प्रकाशित लोकसंघर्ष पत्रिका ने और इसमें उद्घोषित 51 ब्लॉगर्स को दिनांक 30 अप्रैल-2011 को हिंदी भवन दिल्ली में सारस्वत सम्मान देने का निर्णय लिया देश के एक बड़े प्रकाशन संस्थान हिन्दी साहित्य निकेतन बिजनौर ने ।
वर्ष 2011 में यह उत्सव (द्वितीय संस्कारण ) अंतर्जाल पर 23 जून 2011 से 23 सितंबर 2011 तक निर्वाध रूप से परिकल्पना पर जारी रहा । इसका समापन विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देनेवाले वरिष्ठ तथा नए प्रतिभाशाली 51 चिट्ठाकारों के सारस्वत सम्मान से हुआ । उत्सव के दौरान सारगर्भित टिपण्णी देने वाले श्रेष्ठ टिप्पणीकार को भी इस अवसर पर सम्मानित किया गया । ब्लॉग पर इस उत्सव के द्वितीय संस्कारण को भी प्रायोजित किया बाराबंकी से प्रकाशित लोकसंघर्ष पत्रिका ने और इसमें उद्घोषित 51 ब्लॉगर्स को दिनांक 27 अगस्त-2012 को राय उमनाथ वली प्रेक्षागृह, लखनऊ में सारस्वत सम्मान देने का निर्णय लिया सामाजिक सांस्कृतिक संस्था तस्लीम ने ।

ब्लॉगोत्सव का तीसरा संस्कारण ऑनलाइन परिकल्पना पर माह 1 नवंबर-2012 से 31 दिसंबर 2012 तक मनाया गया और मंच प्रदान किया गया 13 सितंबर 2013 से 15 सितंबर 2013 तक लोकनाथ साहित्य सदन सेरखूटे चौराहा काठमाण्डू, नेपाल में, जहां नेपाली कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, पूर्व मंत्री नेपाल सरकार तथा नेपाल संबिधान सभा के अध्यक्ष अर्जुन नरसिंह के सी द्वारा 51 ब्लॉगरों को परिकल्पना सम्मान प्रदान किया गया। इस अवसर पर भारत के वरिष्ठ व्यंग्यकार गिरीश पंकज, हिन्दी के मुख्य ब्लॉग विश्लेषक रवीन्द्र प्रभात, साहित्यकार डॉ नमिता राकेश, डॉ रमा द्विवेदी तथा नेपाल के वरिष्ठ साहित्यकार कुमुद अधिकारी, विक्रम मणि त्रिपाठी और नेपाल प्रज्ञा प्रतिष्ठान के सदस्य सचिव सनत रेग्मी भी उपस्थित थे।इस कार्यक्रम को प्रायोजित किया परिकल्पना समय ने।

 चलिये अब सरस्वती वंदना के साथ आगे बढ़ते हैं: 

गीत: संजीव वर्मा सलिल, स्वर: स्वप्न मंजूषा अदा ,  ब्लॉग: काव्य मंजूषा 


अब समय है एक छोटे से विराम का, कहीं जायेगा मत, 
मिलती हूँ थोड़ी देर बाद .......


आज आगे का कार्यक्रम 

अपराहन 12 बजे-               अज़ब-गजब वर्ल्ड रिकॉर्ड 
                                                                                    (स्थान: शब्द-शब्द अनमोल ब्लॉग पर) 

अपराहन 1 बजे-                ओम पुरोहित "कागद" की हिन्दी कविताओं और 
                                         कुँवर रविन्द्र की पेंटिंग और रेखांकन की प्रस्तुति 
                                                                    (स्थान: परिकल्पना ब्लॉग पर)

अपराहन 2 बजे-               असग़र वज़ाहत के नाटक "जिस लाहौर नई देख्या" की प्रस्तुति 
                                                                     (स्थान: वटवृक्ष  ब्लॉग पर)

शाम 4 बजे-                      अनुपम  ध्यानी की कविताओं  के पश्चात 
                                        प्रथम दिवस के कार्यक्रम का समापन। 
                                                                     (स्थान: परिकल्पना ब्लॉग पर)

38 comments:

  1. बहुत बहुत बधाई ... शुभकामनायें …हमारा इंतज़ार भी खत्म :)

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  2. ब्लॉगोत्सव-२०१४ पर हार्दिक शुभ कामनाएँ

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  3. ब्लोगोत्सव 2014 के शुभारम्भ पर हार्दिक शुभकामनाएं

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  4. ब्लोगोत्सव 2014 के शुभारम्भ पर हार्दिक शुभकामनाएं

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  5. कोटिश: बधाइयाँ एवं आयोजन की अक्षुण्ण सफलता के लिये हार्दिक शुभकामनायें !

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  6. बधाई व शुभकामनायें |

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  7. ब्लोगोत्सव 2014 के शुभारम्भ पर हार्दिक शुभकामनाएं. हम सब आपके साथ है .

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  8. ब्लोगोत्सव 2014 के शुभारम्भ पर हार्दिक शुभकामनाएं

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  9. हिंदी चिट्टठाकारी के अच्छे दिन छ गए हैं।
    अविनाश वाचस्पति

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  10. अरे वाह बहुत बहुत बधाई ....

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  11. अरे वाह बहुत बहुत बधाई ....

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  12. वाह क्या बात है बहुत ही सुंदर...

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  13. कहीं इधर उधर हमारी फोटो भी लटका दें रश्मि दी :)

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  14. ब्लॉग बुलेटिन की आज की बुलेटिन चाहे कहीं भी तुम रहो; तुम को न भूल पाएंगे - ब्लॉग बुलेटिन मे आपकी पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

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  15. हार्दिक बधाई और शुभकामनायें!

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  16. Dr.Rama Dwivedi ...

    ब्लॉगोत्सव-२०१४ पर हार्दिक शुभ कामनाएँ..हार्दिक बधाई ...

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  17. बहुत बहुत बधाई ... शुभकामनायें …ब्लोगोत्सव 2014 के शुभारम्भ पर

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